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पीएम मोदी की किरकिरी के बाद गडकरी ने बयान पर दी सफाई, लेकिन सरकार में संवादहीनता को कर दिया उजागर

नितिन गडकरी ने 18 मई को स्वदेशी जागरण मंच के वर्चुअल कांफ्रेंस में वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने का सुझाव देते हुए कहा था कि एक कंपनी के बजाय 10 और कंपनियों को उत्पादन में लगाया जाना चाहिए। हर राज्य में ऐसी लैब मौजूद हैं, जिनके पास वैक्सीन प्रोडक्शन की क्षमता है।

फाइल फोटोः IANS
फाइल फोटोः IANS 

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में देश में वैक्सीन की कमी दूर करने के लिए एक नहीं, दस कंपनियों से उत्पादन करवाने का सुझाव देकर अपनी ही पार्टी की सरकार और पीएम मोदी की भारी किरकिरी करा दी। बयान के आधार पर कांग्रेस के पीएम मोदी पर निशाना साधने पर अब उन्होंने उस पर सफाई दी है।

नितिन गडकरी ने कहा है कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सरकार के एक अन्य मंत्री वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाने के सरकार के सफल प्रयासों की जानकारी पहले ही दे चुके थे। हालांकि, गडकरी के इस बयान से मोदी सरकार के अंदर की संवादहीनता उजागर हो गई है, जहां महामारी के समय भी एक वरिष्ठ मंत्री को सरकार के कदम के बारे में जानकारी नहीं है।

दरअसल, 18 मई को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से आयोजित एक वर्चुअल कांफ्रेंस में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाने का सुझाव देते हुए कहा था, “यदि टीके की मांग अधिक होगी तो आपूर्ति की समस्या खड़ी होगी। इसलिए एक कंपनी के बजाय 10 और कंपनियों को टीके के प्रोडक्शन में लगाया जाना चाहिए। इसके लिए टीके के मूल पेंटेंट धारक कंपनी को दूसरी कंपनियों द्वारा दस प्रतिशत रॉयल्टी का भुगतान किया जाना चाहिए।
हर राज्य में ऐसी लैब मौजूद हैं, जिनके पास वैक्सीन प्रोडक्शन करने की क्षमता है। अगर फॉर्मूला दिया जाए तो वैक्सीन का उत्पादन बढ़ सकता है।”

गडकरी के इस बयान का वीडियो शेयर करते हुए मनमोहन सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम मोदी को घेर लिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि "क्या उनके बॉस यह सुन रहे हैं? 8 अप्रैल को डॉ. मनमोहन सिंह ने भी ऐसा ही सुझाव दिया था।" अपने बयान से सरकार की किरकिरी होने और कांग्रेस की ओर से पीएम मोदी को घेरने पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बुधवार को इस पर सफाई दी।

उन्होंने कहा, "स्वदेशी जागरण मंच के कांफ्रेंस में जब मैं कल ये बातें कह रहा था, तो मुझे ये नहीं पता था कि केमिकल एंड फर्टिलाइजर मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने मुझसे पहले ही वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाने को लेकर सरकार के प्रयासों के बारे में जानकारी दे दी थी। कांफ्रेंस के बाद उन्होंने मुझे भी बताया कि सरकार 12 अलग-अलग प्लांट और कंपनियों में वैक्सीन बना रही है। मैंने उन्हें बधाई दी और कहा कि आपकी टीम सही दिशा में काम कर रही है।"

गडकरी के बयान पर सफाई से एक और विवाद खड़ा हो गया है। गडकरी ने खुद माना कि उन्हें पता नहीं था कि एक अन्य मंत्री ने वैक्सीन उत्पादन सरकार के कदम की पहले ही जानकरी दे दी है। उनके इस बयान साफ है कि वैक्सीन उत्पादन पर सरकार के कदम की खुद उन्हें जानकारी नहीं थी। इससे पता चलता है कि इस महामारी संकट में भी सरकार के अंदर ही संवादहीनता की स्थिति है। जो मोदी सरकार के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े करता है।

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Published: 19 May 2021, 10:15 PM IST