
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) से जुड़े विधेयक को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस बिल को जवानों के भविष्य के खिलाफ बताया है। हुड्डा ने कहा कि इस बिल के जरिये सरकार जवानों के करियर का रास्ता बंद कर रही है।
Published: undefined
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ऐसा कानून लेकर आई है, जो सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी सहित सभी सीएपीएफ बलों के कर्मियों के करियर में आगे बढ़ने के रास्ते बंद कर देता है। यह विधेयक न केवल जवानों के पदोन्नति और अवसरों को सीमित करता है, बल्कि यह कानून सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी दरकिनार करता है, जिससे सभी जवानों के भविष्य की संभावनाएं रुक गई हैं।
Published: undefined
कांग्रेस सांसद ने इस मुद्दे पर सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के दौरान देश के गृह मंत्री अमित शाह का सदन में अनुपस्थित रहना बेहद चिंताजनक है। गृह मंत्री को इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन में उपस्थित रहकर जवाब देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने एक बार भी आकर इस पर बात करना जरूरी नहीं समझा।
Published: undefined
उन्होंने आगे कहा कि 31 मार्च को अमित शाह ने देश में नक्सलवाद के सफाए का ऐलान किया था, लेकिन अब उसी सरकार ने उन सीएपीएफ जवानों और अधिकारियों के भविष्य की संभावनाओं पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं, जो नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इसी विरोध के चलते कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया।
Published: undefined
बता दें कि राज्यसभा में बुधवार को ध्वनि मत से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। विपक्ष चाहता था कि विधेयक को आगे विचार-विमर्श के लिए चयन समिति को भेजा जाए। इससे पहले सदन में विधेयक पर हुई चर्चा और विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे और संविधान की भावना के विरुद्ध नहीं है।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined