
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर कड़ाके की ठंड के दौरान एक हफ्ते तक हमला नहीं करने का फैसला किया है। ट्रंप के अनुसार, यह निर्णय मानवीय कारणों से लिया गया है, ताकि ठंड में हमले से आम नागरिकों की स्थिति और खराब न हो।
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ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से बातचीत की प्रगति के बारे में जानकारी साझा करने को कहा। विटकॉफ ने बताया कि जिनेवा में हुई हाल की बातचीत के बाद से यूक्रेन के साथ जितनी प्रगति हुई है, उतनी पिछले चार वर्षों में कभी नहीं देखी गई। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में अमेरिकी और रूसी अधिकारियों के बीच अबू धाबी में एक बैठक हुई, जिसमें अच्छी प्रगति हुई है।
विटकॉफ ने कहा, "हमने शांति समझौते पर काम किया है, और एक सुरक्षा प्रोटोकॉल समझौता काफी हद तक पूरा हो चुका है। इसके अलावा, एक समृद्धि समझौता भी बहुत आगे बढ़ चुका है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही कोई शांति समझौता होगा।
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ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे संपर्क करने की बात भी की। उन्होंने बताया कि कड़ाके की ठंड के कारण उन्होंने पुतिन से अपील की कि वह एक हफ्ते के लिए कीव और अन्य शहरों पर हमला न करें। ट्रंप के मुताबिक, पुतिन इस अपील पर सहमत हो गए।
ट्रंप ने कहा कि कुछ सलाहकारों ने उन्हें फोन न करने की सलाह दी थी और कहा था कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन ट्रंप ने फिर भी हस्तक्षेप किया और परिणाम सामने आया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में मिसाइल हमले लोगों के लिए और मुश्किलें पैदा कर सकते थे, और इस कारण उन्होंने सीधे हस्तक्षेप किया।
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स्टीव विटकॉफ ने इस प्रगति का श्रेय ट्रंप की बातचीत की रणनीति को दिया। उनके अनुसार, ट्रंप के दबाव और व्यक्तिगत बातचीत की वजह से यह संभव हो पाया, जबकि पहले यूक्रेन को यह विश्वास नहीं था कि ऐसा कुछ हो सकता है।
अमेरिकी प्रशासन ने अपनी नीति को "ताकत के जरिए शांति" बताया है और बताया है कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत अलग-अलग स्तरों पर जारी है। यूक्रेन युद्ध अब अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। कई बार शांति की कोशिशें की गईं, लेकिन अब तक युद्धविराम नहीं हो पाया है।
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