भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि अगले चार से पांच दिन तक देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के आसपास के कुछ इलाकों में लू चलने का प्रबल अनुमान है।
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आईएमडी ने बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल में गंगा के मैदानी भाग, झारखंड, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के छिटपुट इलाकों में 20 से 25 अप्रैल के बीच अलग-अलग तारीखों पर लू चलने का अनुमान है।
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आईएमडी ने कहा, ‘‘20 से 26 अप्रैल के दौरान पश्चिमी बंगाल में गंगा के कुछ मैदानी इलाकों; 20 से 22 अप्रैल के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल; 20 से 24 अप्रैल के दौरान केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा 24 और 25 अप्रैल को गुजरात के तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की प्रबल संभावना है।’’
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इसके अलावा 20 और 21 अप्रैल को हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, 20 अप्रैल को छत्तीसगढ़ और 20 से 22 अप्रैल के बीच ओडिशा में कुछ इलाकों में रात का तापमान बढ़ने का अनुमान है।
आईएमडी ने बताया कि सोमवार को देश के दक्षिण, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के विभिन्न राज्यों में मध्यम से तीव्र गरज के साथ बारिश हो सकती है।
आईएमडी के अनुसार, सोमवार को मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि का अनुमान है।
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ईरान ने सोमवार को वॉशिंगटन की उलझी हुई कार्रवाइयों का हवाला देते हुए साफ कर दिया कि उसने अभी तक अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत में हिस्सा लेने पर कोई फैसला नहीं किया है।
तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब तक हमने अगले दौर की बातचीत को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है।
प्रवक्ता ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन एक तरफ कूटनीति की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ उसके कदम उससे मेल नहीं खाते। युद्धविराम की शुरुआत से ही ईरान को अमेरिका की तरफ से खराब नीयत और लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआत में अमेरिका कह रहा था कि लेबनान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है, जबकि दूसरी तरफ इसके उलट दावे किए जा रहे थे।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बघाई ने कहा कि समझौता होने के बाद भी ईरान को होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री गतिविधियों में गतिरोध का सामना करना पड़ा। इसमें रविवार रात एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर अमेरिका का हमला भी शामिल है, जिसे उन्होंने युद्धविराम का उल्लंघन और आक्रामक कदम बताया।
रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज को रोककर अपने कब्जे में ले लिया, जो अमेरिकी नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था।
बघाई ने कहा कि इस तरह की असंगत हरकतों से ईरान का भरोसा और कम होगा। उन्होंने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला बहुत सोच-समझकर करेगा।
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