
असम के सिलचर और श्रीभूमि के शहरी इलाकों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि शुक्रवार को असम के कई हिस्सों में भारी बारिश होने से बराक घाटी क्षेत्र के कछार जिले के सिलचर के शहरी इलाकों और श्रीभूमि जिले के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
Published: undefined
भारी बारिश की वजह से कछार, श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। लगातार हो रही बारिश से सामान्य जनजीवन और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। सिलचर शहर की सड़कें पानी में डूब गईं। कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम लग गया।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद नालियों के उफान से श्रीभूमि शहर के भी विभिन्न हिस्सों में जलभराव की भी स्थिति हो गई है। श्रीभूमि जिले में बारिश के दौरान कथित तौर पर बिजली के तार के संपर्क में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पीड़ित की मौत जलभराव वाले इलाके में करंट लगने से हुई है। इस घटना की जांच जारी है।
Published: undefined
अगले कुछ घंटों में इस क्षेत्र में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है। ऐसे में स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि असम के कई हिस्सों में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश लाने वाले बादल सक्रिय बने हुए हैं। शुक्रवार को आईएमडी की ओर से जारी बारिश के आंकड़ों से पता चला कि गुवाहाटी और उसके आसपास के इलाकों में भी अच्छी-खासी बारिश हुई है।
गुवाहाटी के रूपनगर में गुरुवार सुबह से अब तक सबसे अधिक 50.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि डाउनटाउन यूनिवर्सिटी इलाके में 21.5 मिमी और गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में 19.5 मिमी बारिश हुई। कामरूप जिले के हाजो में 15.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सुआलकुची में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई।
Published: undefined
शुक्रवार को आईएमडी की ओर से जारी 'नाउकास्ट' बुलेटिन में कहा गया है कि असम के विभिन्न हिस्सों में मध्यम बारिश के एक या दो दौर आने की 'बहुत अधिक संभावना' है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य प्रशासन बराक घाटी के जिलों में, विशेष रूप से उन संवेदनशील शहरी इलाकों में, जहां अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा रहता है, स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined