
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला की उस याचिका पर जवाब देने को कहा है, जिसमें उन्होंने 6 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में "फर्जी" मतदाता सूची का गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। चेन्निथला की याचिका पर केरल हाईकोर्ट अब सोमवार को सुनवाई करेगा।
Published: 26 Mar 2021, 5:38 PM IST
कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के अनुसार, जनहित याचिका दाखिल करने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा, क्योंकि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से पांच बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में उन्हें बताया गया था कि 140 विधानसभा क्षेत्रों में चार लाख से अधिक फर्जी मतदाता हैं। कई निर्वाचन क्षेत्रों में उनके नाम हैं। वह पिछले एक हफ्ते से इस 'डुप्लीकेशन' का विवरण विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को लोगों को दे रहे हैं, जहां का वह दौरा कर रहे हैं।
Published: 26 Mar 2021, 5:38 PM IST
रमेश चेन्निथला ने अपनी याचिका में ऐसे सभी लोगों को वोट की अनुमति नहीं देने की मांग की है जिनके पास कई पहचान पत्र हैं। साथ ही उनकी मांग है कि भारतीय दंड संहिता और पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत उन सभी सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने इस तरह के फर्जी मतदाता पत्र जारी करने में भूमिका निभाई।
Published: 26 Mar 2021, 5:38 PM IST
हाईकोर्ट के आदेश के बाद केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) टीका राम मीणा ने राज्य के सभी 14 जिला कलेक्टरों से फर्जी मतदाता सूची की शिकायतों की विस्तृत जांच करने के लिए कहा है, जिनके जवाब मिलने के बाद वह अदालत के सामने अपने विचार पेश करेंगे।
Published: 26 Mar 2021, 5:38 PM IST
इस बीच रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को एक और आरोप लगाया कि सीपीएम ने कुछ रसायन वितरित करना शुरू कर दिया है, जिसका उपयोग उस स्याही को मिटाने के लिए किया जा सकता है जो वोटिंग के दौरान लगाया जाता है। चेन्निथला ने कहा, "अगर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होता है, तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ 140 में से 110 सीटें जीतेगी।"
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
Published: 26 Mar 2021, 5:38 PM IST
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Published: 26 Mar 2021, 5:38 PM IST