
मलेशिया में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर से नोटबंदी का मुद्दा उठाया है। नोटबंदी की आलोचना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, “वे अगर देश के प्रधानमंत्री होते और कोई मुझे नोटबंदी लिखी हुई फाइल देता तो मैं उसे डस्टबिन में फेंक देता। उसे दरवाजे के बाहर कर देता या डस्टबिन में डाल देता, क्योंकि मुझे लगता है कि नोटबंदी के साथ ऐसा ही किए जाने की जरूरत है।”
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मलेशिया में भारतीय मूल के कारोबारियों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “वह बयानबाजी की तुलना में कामकाज को अहमियत देते हैं।” उन्होंने कारोबारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पार्टी के घोषणपत्र में उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा।
कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर कहा, “राहुल गांधी से मिले कारोबारियों ने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने उनके समुदाय के हितों को नजरअंदाज किया है।”
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उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा, “हम बयानबाजी में नहीं बल्कि काम करने में यकीन करते हैं। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके हितों को कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।”
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राहुल गांधी ने मलेशिया इंडिया बिजनेस काउंसिल, आसियान इंडिया बिजनेस काउंसिल, मलेशियन एसोसिएटेड इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और मलेशिया की कंसोर्शियम ऑफ इंडस्ट्रीज के कारोबारियों से मुलाकात की।
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुआलालम्पुर में मलेशिया इंडिया कांग्रेस (एमआईसी)के अध्यक्ष सुब्रमण्यम सतशिवम से भी मुलाकात की।
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