
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के लोगों ने अगर वोट बनाने में हेराफेरी की तो फर्जी वोट बनवाने वालों, अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी।
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लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने आरोप लगाया कि BJP मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया में धांधली करना चाहती है।
सपा की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी दोबारा फर्जी वोट बनाने में लगी है। बीजेपी लोकतांत्रिक व्यवस्था अपवित्र करने पर उतावली है।”
सपा मुखिया ने कहा, “बीजेपी के लोगों ने अगर वोट बनाने में हेराफेरी की तो फर्जी वोट बनवाने वालों, अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जाएगी। प्राथमिकी का प्रारूप समाजवादी पार्टी के सभी बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) और बूथ प्रभारियों को भेजा जा रहा है।”
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अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि मतदाता सूची के लिए किया जा रहा एसआईआर ही एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) है और जो काम केंद्रीय गृह मंत्रालय का था उसे बीजेपी सरकार निर्वाचन आयोग से करा रही है।
कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ता एकजुट होकर घर-घर जाएं और लोगों से संपर्क कर पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को बताएं। यादव ने प्रदेश की जनता से भाजपा की साजिशों से सावधान रहने की अपील की।
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उन्होंने दावा किया, “प्रदेश की जनता और मतदाता बीजेपी के साथ नहीं है। भाजपा भूमाफिया की भूमिका में है। प्रदेश भर में सरकारी और गरीबों की जमीनों पर भाजपाई अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है। हर विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है। बीजेपी सरकार ने भ्रष्टाचार की इन्तिहा कर दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पता नहीं चलेगा।“
उन्होंने कहा,“एस.आई.आर. के बाद भी मतदाता सूची में तमाम खामियां सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री जी ने खुद स्वीकार किया है कि चार करोड़ वोट कट रहे हैं।”
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पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाता सूची में हेराफेरी का प्रयास कर रही है और मतदाता सूची को लेकर केन्द्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में भारी अंतर है।
उन्होंने कहा, “केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची में 12 करोड़ 56 लाख मतदाता है, वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में 12 करोड़ 69 लाख मतदाता तो सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में है। इसमें शहरी मतदाताओं की संख्या जोड़ने पर कुल वोटर 17 करोड़ से ज्यादा हो रहे हैं।”
अखिलेश यादव ने पूछा, “आखिर ऐसा कैसे हो रहा है कि मतदाता सूची बनाने वाले बीएलओ और अधिकारी-कर्मचारी जब वही हैं तो मतदाताओं की संख्या का आंकड़ा अलग-अलग क्यों है?”
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