
टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण के पहले दिन टीकाकरण की प्रक्रिया को अंजाम देने के दौरान को-विन पोर्टल के बार-बार बंद होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई अस्पतालों ने आईएएनएस से बात करते हुए इसकी पुष्टि की। इस वजह से उन लोगों को देरी हुई जो ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन करने जल्दी आते हैं या फिर जिन्होंने पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
मूलचंद जैसे कई अस्पतालों ने दोपहर 1 बजे तक वॉक-इन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया, ताकि टीका लगाने के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रही भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
दक्षिण दिल्ली स्थित मूलचंद अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक मधु हांडा ने कहा कि को-विन पोर्टल कई बार क्रैश हो रहा है। कई ने आरोप लगाया कि उन्हें यह नहीं बताया गया कि टीकाकरण दोपहर 12 बजे से शुरू होगा।
गुरुग्राम से जसविंदर सिंह अपने पिता और ससुर को मूलचंद अस्पताल लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि वह दो घंटे से अधिक समय से इंतजार कर रहे हैं। मेरे पैरेंट्स 80 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और वे एक कतार में खड़े होने के लिए मजबूर हैं। कोई प्रबंधन नहीं है।
70 साल के तारकेश्वर राणा ने कहा, "मैं बेहतर सहूलियत के लिए निजी सुविधा का चयन करता हूं। अगर यहां की स्थिति यही है, तो भगवान जाने कि सरकारी केंद्रों में चीजें कैसी होंगी।"
मूलचंद अस्पताल की स्थिति अन्य अस्पतालों की तरह ही थी। कई अस्पतालों ने ऐसे ही अनुभव की सूचना दी और इसके लिए को-विन के तकनीकी मुद्दों को दोषी ठहराया। एक बड़े निजी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने आईएएनएस को बताया, "हमारे पास प्रबंधन करने की क्षमता है, लेकिन टीकाकरण में हुई देरी उन्हें चिंतित कर रही है। इसके अलावा, सरकार की तरफ से तैनात कर्मचारी भी सहयोग नहीं कर रहे हैं।"
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