
देश में कोरोना की तीसरी लहर आना तय है और इससे निपटने की तैयारी शुरु कर दी गई है। यह बात केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने की है। उन्होंने कहा कि, “मौजूदा समय में जिस तेजी से कोरोना वायरस का प्रसार हो रहा है उससे तय है कि तीसरी लहर आना अपरिहार्य है। लेकिन यह लहर कब आएगा और कितनी घातक होगी, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।” विजयराघवन ने कहा कि जो वैक्सीन अभी उपलब्ध हैं वह वारयस के मौजूदा वेरिएंट के लिए प्रभावी है। लेकिन आने वाले दिनों में पूरी दुनिया के साथ भारत में भी वायरस के नए वेरिएंट सामने आने की आशंका है। इन वायरस का प्रसार तेजी से होता है। उन्होंने कहा कि इसे काबू करने के लिए ध्यान देना होगा।
ध्यान रहे की बीते 24 घंटों के दौरान देश में 3.83 लाख नए संक्रमित के सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि, "पिछले 24 घंटों में देश में 3,82,315 मामले दर्ज़ किए गए हैं। 12 राज्य ऐसे हैं जहां 1 लाख से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। 50,000 से 1,00,000 सक्रिय मामले 7 राज्यों में हैं और 50,000 से कम सक्रिय मामले 17 राज्यों में हैं"
ध्यान रहे कि बीते लगभग एक सप्ताह से भारत में हर रोज तीन लाख से अधिक कोरोना संक्रमित केस सामने आ रहे हैं और तीन हजार से ज्यादा लोगों की जान जा रही है। और ये आंकड़े सरकारी हैं। वहीं राजधानी दिल्ली समेत देश के तमाम राज्य ऑक्सीजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मंगलवार को हरियाणा सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में कहा था कि अगर उसे समय पर ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिली तो बहुत से लोगों की जान जा सकती है। उधर महाराष्ट्र और मुंबई की बीएमसी ने भी ऑक्सीजन के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया है। इधर दिल्ली के 41 अस्पतालों ने एक ही दिन में 3 मई को ऑक्सीजन के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इन अस्पतालों में कम से कम 7000 मरीज भर्ती हैं।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए