
कर्नाटक सरकार ने झूठी खबरों और फेक न्यूज के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इनका मुकाबला करने के लिए फैक्ट चेक यूनिट स्थापित करने का फैसला किया है। सिद्धारमैया सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार ने इस संबंध में एक टेंडर जारी किया है और पांच कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है।
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सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि एक बार इन कंपनियों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद कंपनियों के नामों की घोषणा की जाएगी। मंत्री ने कहा, "शॉर्टलिस्ट कंपनियों के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिसिस और झूठी खबरों को रोकने और फैक्ट चेकिंग की प्रक्रियाओं के क्षेत्र में विशेषज्ञता है।"
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कंपनियों के चयन के मानदंड में यह शामिल है कि वे भारतीय हों और उनके पास फैक्ट चेकिंग और संबंधित सर्विस में कम से कम तीन साल का न्यूनतम अनुभव हो। खड़गे ने कहा कि सरकार भरोसेमंद कंपनियों को प्राथमिकता देगी। उन्होंने बताया कि कुल सात कंपनियों ने सरकार से संपर्क किया था, लेकिन बाकि दो को शामिल करने का निर्णय वेरिफिकेशन होने के बाद ही लिया जाएगा।
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खड़गे ने कहा, ''झूठी खबरों और दुष्प्रचार पर लगाम लगाने के लिए तीन विंग बनाने की योजना है। पहली एक फैक्ट चेकिंग टीम है जो झूठी ख़बरों का पता लगाएगी और उसका समाधान करेगी। दूसरी एक एनालिटिक्स टीम है जो झूठी खबरों के इकोसिस्टम की निगरानी करेगी और तीसरी एक कैपेबिलिटी इंप्रूवमेंट टीम है जो झूठी खबरों और प्रचार के बारे में जागरूकता पैदा करने और लोगों को शिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।''
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