
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय बजट पेश होने से एक दिन पहले शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था “संकट” में है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार रविवार को पेश किए जाने वाले आम बजट में इसे उबारने के लिए कोई समाधान पेश करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अब “विरासत” का बहाना नहीं बना सकती, क्योंकि वह पिछले 12 वर्षों से सत्ता में है।
खड़गे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि “इस आम बजट में मोदी सरकार ‘विरासत’ का बहाना नहीं बना सकती। उनकी अपनी विरासत ने अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संकट में धकेल दिया है।” खड़गे ने सवाल किया, “क्या यह बजट उन अनेक आर्थिक संकेतकों के लिए वास्तविक समाधान पेश करेगा, जो इस समय तेजी से गिर रहे हैं?”
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कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कहा गया है कि आर्थिक समीक्षा जारी हो चुकी है और सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के शासनकाल में जो विनिर्माण वृद्धि 7.4 प्रतिशत थी, वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन के तहत गिरकर महज 3.54 फीसदी रह गई है।
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वीडियो में दावा किया गया है कि सरकार का ‘मेक इन इंडिया’ अभियान “विफल” हो गया है, क्योंकि विनिर्माण 13 प्रतिशत पर अटका हुआ है, जबकि इसे 25 प्रतिशत तक ले जाने का वादा किया गया था। वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि देश में हर दो स्नातकों में से केवल एक को रोजगार मिल रहा है और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 80 वर्षों में सबसे कम हो गई है।
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इसमें कहा गया है कि खाद्य मुद्रास्फीति के कारण परिवार “भारी दबाव” में हैं और लोगों की देनदारियां बढ़ रही हैं, जिसके चलते घरेलू बचत 7.4 प्रतिशत से घटकर 5.3 फीसदी हो गई है।वीडियो में दावा किया गया कि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92 पर पहुंच गया है और विदेशी निवेशक “भाग रहे हैं।”
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इसमें कहा गया है कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में लगातार चार महीनों से नकारात्मक वृद्धि दर्ज की जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या मोदी सरकार का 12वां बजट अर्थव्यवस्था को “संकट” से उबारने के लिए समाधान पेश करेगा। उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था पर “संकट” और “विरासत” दोनों ही मोदी सरकार की है।
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