
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एच डी कुमारास्वामी का शपथ समारोह कोई साधारण राजनीतिक घटना नहीं है। इस समारोह गैर-बीजेपी विपक्ष की बिसात बिछने वाली है, जिसमें 2019 के लोकसभा चुनाव की नई रूपरेखा नजर आएगी। इस समारोह में कांग्रेस और जेडीएस के अलावा पश्चिम बंगाल से तृणमूल और सीपीएम, उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी, बीएसपी और आर एल डी, बिहार से आरजेडी, आंध्र प्रदेश से टीडीपी, तेलंगाना से टीआरएस, दिल्ली और पंजाब से आम आदमी पार्टी, केरल-त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल से सीपीएम को मिलाकर करीब एक दर्जन राजनीतिक दल शामिल हो रहे हैं।
इसके अलावा तमिलनाडु में कमल हासन की नई पार्टी ने भी इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया है। डीएमके को भी इसमें शामिल होना था, लेकिन मंगलवार को तुतिकोरिन में हुई हिंसा के कारण डीएमके नेता एम के स्टालिन ने अपना दौरा रद्ध कर दिया।
फिलहाल जो दल इस शपथ समारोह में शामिल हो रहे हैं, लोकसभा में उनकी ताकत देखें तो पता चलता है कि कांग्रेस को मिलाकर यह आठ दल लोकसभा में 135 सीटों के साथ एक बड़ी शक्ति हैं। इसमें डीएमके के सांसद शामिल नहीं हैं।
जबरदस्त राजनीतिक घटनाक्रम और आधी रात को हुई सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के दखल से हाथ आए इस मौके पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बीएसपी प्रमुख मायावती, समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, आरएलडी प्रमुख चौधरी अजित सिंह, सीपीएमा के महासचिव सीताराम येचुरी और अभिनेता से नेता बने कमल हासन भी मौजूद रहेंगे।
इनके अलावा इस समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्रप्रदेश के नेता चंद्रबाबू नायडू भी शिरकत करेंगे।
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