
पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई आरोप लगा चुकी हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिख चुकी हैं। अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्षकार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। ममता बनर्जी की याचिका में राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया है कि जिस संवैधानिक संस्था से निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की उम्मीद की जाती है, वही संस्था अब ऐसे स्तर पर पहुंच गई है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद चिंताजनक है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सीधी दखल देकर समुचित निर्देश दिए जाने की मांग की गई है।
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वहीं सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नई दिल्ली स्थित भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) से मुलाकात करेंगी। वह एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ आम सहमति बनाने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं से भी बातचीत कर सकती हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा के लिए यह समय चुना है, क्योंकि चल रहे बजट सत्र के कारण सभी विपक्षी दलों के शीर्ष नेता वहां मौजूद रहेंगे।
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हालांकि, कोलकाता लौटने की उनकी तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वह 5 फरवरी से पहले लौट आएंगी। ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त को फिर से पत्र लिखा और उसमें बेहद तल्ख और कड़े शब्दों का प्रयोग किया है। ऐसे में दोनों के बीच सोमवार को होने वाली मुलाकात पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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