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अभिषेक बनर्जी के घर हमले पर भड़कीं ममता, सुप्रीम कोर्ट जाने की दी चेतावनी, बीजेपी-पुलिस पर साजिश का लगाया आरोप

ममता ने लोकतंत्र के प्रति बीजेपी की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे राज्य में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैलियां कर रहे हैं और दूसरी तरफ वही लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचल रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी के घर हमले पर भड़कीं ममता, सुप्रीम कोर्ट जाने की दी चेतावनी, बीजेपी-पुलिस पर साजिश का लगाया आरोप
अभिषेक बनर्जी के घर हमले पर भड़कीं ममता, सुप्रीम कोर्ट जाने की दी चेतावनी, बीजेपी-पुलिस पर साजिश का लगाया आरोप फोटोः वीडियोग्रैब

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार देर रात अपने भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर हुए हमले और बाहर हुई झड़प को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में तनाव पैदा करने के लिए बीजेपी और पुलिस ने मिलकर साजिश रची है।

ममता बनर्जी कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर हमले के बाद शनिवार को वहां पहुंचीं और वहां पत्रकारों से बातचीत की। अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के डायंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। ममता ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को देश की सर्वोच्च अदालत तक लेकर जाएंगी। उनका आरोप है कि घटना के दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

दोनों के आवास दक्षिण कोलकाता के एक ही इलाके में स्थित हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी समर्थित असामाजिक तत्वों के एक समूह ने रात 2 बजे के बाद अभिषेक के घर पर हमला कराया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही।" ममता ने विशेष रूप से कालीघाट थाने के प्रभारी बोलाई बाग का नाम लेते हुए कहा कि उनके कदमों से जनता में आक्रोश पैदा हो सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस पर उनके आवास पर आयोजित होने वाली वार्षिक काली पूजा में बाधा डालने और लोगों को वहां आने से रोकने की कोशिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों और भारी पुलिस तैनाती के कारण पूजा से पहले इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि काली पूजा से पहले इस इलाके में जानबूझकर अशांति का माहौल बनाया गया है।

ममता ने कहा कि पुराने क्लबों की पूजा रोकी जा रही है, जबकि नई पूजाएं रातोंरात शुरू हो रही हैं। मेरे घर के प्रवेश मार्ग को लगभग बंद कर दिया गया है और वहां नई पूजाओं का आयोजन कराया गया है। पुलिस की गाड़ियां भी जानबूझकर मेरे घर के प्रवेश द्वार पर खड़ी की गई हैं। पुलिस ने बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है।"

ममता ने दावा किया कि उनके घर के बाहर लोगों के जुटने को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा, "इसी कारण पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है, ताकि मेरे घर के सामने कोई भीड़ इकट्ठा न हो सके। यह सब काली पूजा के अवसर पर लोगों को मेरे घर आने से रोकने के लिए किया जा रहा है।"

ममता ने आरोप लगाया कि शनिवार तड़के अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर पैदा हुए तनाव के पीछे बीजेपी का हाथ था। उन्होंने लोकतंत्र के प्रति बीजेपी की प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "एक तरफ वे राज्य में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैलियां कर रहे हैं और दूसरी तरफ वही लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचल रहे हैं।" ममता ने प्रशासन की भी आलोचना की और परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का जिक्र करते हुए कहा, "मैं बीजेपी के सभी लोगों को दोष नहीं दे रही हूं, लेकिन पश्चिम बंगाल में प्रशासन का नेतृत्व कर रहा व्यक्ति इन सब घटनाओं के पीछे है।"

इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दो दिनों तक टोह लेने के बाद देर रात करीब दो बजे उनके आवास पर हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज साझा करते हुए आरोप लगाया कि इस घटना में बीजेपी समर्थक शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि यह हमला उनकी जान लेने की साजिश के तहत किया गया था। उन्होंने कहा कि झड़प में उनके कई समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए।

आरोप हैं कि पहले बीजेपी समर्थकों ने अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर 'चोर-चोर' के नारे लगाए, जहां ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस खेमे के कार्यकर्ता शनिवार को अभिषेक के जन्मदिन से पहले इसके आयोजन के संबंध में इकट्ठा हुए थे। नारों के बाद दोनों पक्षों के बीच जवाबी नारेबाजी, तीखी बहस और झड़प शुरू हो गई, जिसमें मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ के आरोप भी लगाए गए हैं।

अभिषेक बनर्जी हमले में घायल पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने रात में अपने आवास से बाहर निकले। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कांटेदार छड़ियों से हमला किया और पार्टी के स्थानीय कार्यालय में तोड़फोड़ की। उन्होंने दावा किया कि उनके चार-पांच समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें एक की प्लास्टिक सर्जरी करानी होगी और दूसरे को फ्रेक्चर आया है।

अभिषेक बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद होने के बावजूद हमले को नहीं रोक पाए। बनर्जी ने पुलिस और न्यायपालिका पर अपने ऊपर बार-बार हमलों की कोशिश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। डायमंड हार्बर से सांसद ने दावा किया कि यह "पिछले छह महीनों में मेरी जान लेने का सातवां प्रयास था। फिर भी, कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई और कोई न्यायिक हस्तक्षेप नहीं हुआ।" उन्होंने आरोप लगाया, "गुंडे पूरे राज्य में दंगे कर रहे हैं क्योंकि न्यायपालिका आंखें मूंदे हुए है। मूक दर्शक बने रहने के लिए धन्यवाद, माई लॉर्ड्स!"

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