हालात

ममता ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के आरोपों पर किया पलटवार, सीधे बीजेपी में शामिल होकर मुकाबला करने की दी चुनौती

ममता ने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में, जब आप तृणमूल के टिकट पर सांसद और विधायक बने, मंत्री रहे और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे, तब आपका असंतोष कहां था? तब आप मेरे पास आकर अपने मतभेद क्यों नहीं रखते थे?

ममता ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के आरोपों पर किया पलटवार, सीधे बीजेपी में शामिल होकर मुकाबला करने की दी चुनौती
ममता ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के आरोपों पर किया पलटवार, सीधे बीजेपी में शामिल होकर मुकाबला करने की दी चुनौती फोटोः वीडियोग्रैब

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य के पार्टी छोड़ने और बागी खेमें में जाने पर पलटवार करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला। ममता ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से बीजेपी उनकी पार्टी में ‘‘फूट डालने’’ की साजिश रच रही है और उनके नेताओं का इस्तेमाल कर टीएमसी के भीतर असंतोष को हवा दे रही है।

ममता बनर्जी ने कहा, जिस व्यक्ति (चंद्रिमा भट्टाचार्य) ने आज इस्तीफा दिया, उन्होंने यह फैसला रातों-रात नहीं लिया। वह लंबे समय से पार्टी छोड़ने का प्लान बना रही थीं, क्योंकि उनका बेटा पहले ही उस पार्टी में शामिल हो चुका था। तो ठीक है। कोई भी पॉलिटिकल पार्टी सिर्फ एक या दो लोगों पर निर्भर नहीं रहती; वह अपने कार्यकर्ताओं और जनता पर निर्भर रहती है। ऐसे भी मामले हुए हैं जब कोई व्यक्ति कई दिनों तक मेरी सुरक्षा में रहा क्योंकि उसे बीजेपी द्वारा गिरफ्तारी का डर था। मैंने उन्हें रहने की जगह, खाना और मदद दी।"

Published: undefined

ममता बनर्जी का यह बयान तृणमूल कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के पार्टी के सभी पद से इस्तीफा देने और बागी गुट में शामिल होकर उन पर कई आरोप लगाने के बाद आया। ममता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर बागी नेताओं को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे परोक्ष रूप से पार्टी (टीएमसी) के खिलाफ काम करने के बजाय सीधे बीजेपी में शामिल होकर उनका सामना करें।

ममता बनर्जी ने कहा, "जो लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और मेरे साइन वाले पार्टी सिंबल पर चुनाव जीते थे, वे अब दावा कर रहे हैं कि 2023 से पार्टी खत्म हो गई है। आपने पार्टी के सिंबल पर चुनाव तभी लड़ा जब मैंने आपकी उम्मीदवारी को मंज़ूरी दी और उस पर साइन किए, तभी इलेक्शन कमीशन ने आपका नॉमिनेशन स्वीकार किया। धोखे की भी एक हद होती है। आपने उसी पार्टी को धोखा दिया जिसने आपको पॉलिटिकल पहचान दी। अब आप खुलेआम बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। अगर आपमें हिम्मत है, तो जाकर ऑफिशियली बीजेपी में शामिल हो जाएं। आपको क्या लगता है? कि मैं मर गई हूं? हम जानते हैं कि पार्टी का सिंबल आपको मिलने की उम्मीद बहुत कम है। जब मैं यह सिंबल पहनकर लोगों के बीच जाऊंगी, तो क्या आप मेरी आवाज़ बंद कर पाएंगे?

Published: undefined

ममता बनर्जी ने बेहद सख्त लहजे में कहा, ‘‘मैं उन विश्वासघाती और एहसान फरामोश लोगों को चुनौती देती हूं, जो पार्टी छोड़ रहे हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो सीधे बीजेपी में शामिल होकर मेरा मुकाबला करें, बजाय इसके कि बीजेपी के इशारे पर यह बेईमानी भरा खेल खेलें।’’

ममता बनर्जी ने घोषणा की कि पार्टी की अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह तब तक तृणमूल की प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी निभाएंगी, जब तक कि वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते हैं। बख्शी फिलहाल अस्वस्थ हैं। ममता ने पार्टी नेताओं कुणाल घोष और मदन मित्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त करने की भी घोषणा की।

Published: undefined

बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आप खुद को विद्रोही कहते हैं? चुनाव से पहले आपका विद्रोह कहां था? पिछले 15 वर्षों में, जब आप तृणमूल के टिकट पर सांसद और विधायक बने, मंत्री रहे और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे, तब आपका असंतोष कहां था? तब आप मेरे पास आकर अपने मतभेद क्यों नहीं रखते थे?’’

ममता ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में जो कार्यकर्ता पार्टी के प्रति वफादार बने हुए हैं, वही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने विश्वासघात करने वाले और अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर पार्टी छोड़ने वाले बागी नेताओं को सलाह दी कि वे कम-से-कम उन लोगों के साथ विश्वासघात न करें, जिन्होंने उन्हें वोट देकर जिताया था।

Published: undefined

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

Published: undefined