
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रिकॉर्ड सही करने के बजाय मतदाताओं के नाम हटाने की कवायद बना दी गई है। उन्होंने अपने पत्र में निर्वाचन आयोग पर राजनीतिक पक्षपात और चुनाव प्रक्रिया के दौरान मनमानी करने का आरोप लगाया।
Published: undefined
ममता बनर्जी ने तीन पन्नों के पत्र में कहा, ‘‘सुनवाई की प्रक्रिया काफी हद तक यांत्रिक हो गई है, जो पूरी तरह से तकनीकी आंकड़ों द्वारा संचालित है और इसमें विवेक, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का पूरी तरह अभाव है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य ‘‘न तो सुधार करना है और न ही नाम जोड़ना...बल्कि केवल नाम काटना है।’’ उन्होंने दावा किया कि वर्तनी या उम्र संबंधी मामूली त्रुटियों के कारण आम लोगों को जबरन सुनवाई, उत्पीड़न और वेतन हानि का सामना करना पड़ रहा है।
Published: undefined
टीएमसी प्रमुख ने कहा, मैं इस बात से बहुत हैरान और परेशान हूं कि चुनाव आयोग जिस तरह से चल रहे एसआईआर के दौरान आम लोगों को लगातार परेशान कर रहा है, यह चौंकाने वाला है कि एक ऐसा काम जो कंस्ट्रक्टिव और प्रोडक्टिव होना चाहिए था, उसमें पहले ही 77 मौतें हो चुकी हैं, 4 लोगों ने सुसाइड की कोशिश की है और 17 लोग बीमार पड़ गए हैं और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा है।
Published: undefined
ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ ऑब्जर्वर आम लोगों को "देशद्रोही" कहकर बुला रहे हैं और बिना किसी उकसावे के उन्हें गाली दे रहे हैं, ऐसी परेशान करने वाली खबरें हैं। यह भी पता चला है कि तथाकथित "लॉजिकल कमियां" जो असल में पूरी तरह से इललॉजिकल नहीं हैं, उन्हें कुछ चुनाव क्षेत्रों में सिर्फ पॉलिटिकल भेदभाव के साथ खास तौर पर टारगेट किया जा रहा है। यह राज्य के योग्य वोटरों को वोट देने से रोकने की जानबूझकर और चुपके से की गई कोशिश है।"
Published: undefined
मुख्यमंत्री ने शादी के बाद उपनाम बदलने वाली महिलाओं की दिक्कतों को भी रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में ‘‘तार्किक विसंगतियों’’ को चुनिंदा रूप से निशाना बनाए जाने, पश्चिम बंगाल में एक अलग पोर्टल के इस्तेमाल और अन्य प्रणालियों में बदलाव के कारण अधिकारियों के बीच भ्रम पैदा होने को लेकर भी चिंता जताई।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined