
कोरोना वायरस के कारण ठप चल रहीं संसदीय समितियों की बैठकें जल्द ही एक बार फिर से शुरू हो जाएंगी। इसके लिए लोकसभा सचिवालय ने शुक्रवार को गाइडलाइंस भी जारी कर दिया। जिसके तहत कमेटी की बैठर में कुछ इस तरह से बैठने का इंतजाम किया जाएगा कि हर सदस्य के बीच की दूरी कम से कम छह फिट हो।
लोकसभा सचिवालय ने शुक्रवार को संसदीय कमेटियों की बैठकों के लिए छह तरह के दिशानिर्देश जारी किए। लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी गाइडलाइंस में कहा गया है, "कोरोना वायरस के कारण संसदीय कमेटी की बैठकें नहीं हो पा रही हैं। लेकिन, एक जुलाई से लॉकडाउन में मिली छूट के कारण अब पार्लियामेंट्री कमेटी की बैठकें हो सकतीं हैं। इसके लिए कुछ निर्देशों का पालन जरूरी है।"
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैठकों के दौरान बयान दर्ज कराने के लिए किसी मंत्रालय या विभाग के अधिकतम पांच स्टाफ ही कमेटी के सामने उपस्थित हो सकेंगे। अगर ज्यादा स्टाफ की मौजूदगी जरूरी हुई तो फिर उनके बैठने की व्यवस्था लॉबी में होगी।
संसदीय कमेटियों की बैठकें सोशल डिस्टेंसिंग के कारण न्यूनतम स्टाफ में होंगी। ऐसे में स्टाफ के उपलब्ध न होने पर कार्यवाही को शब्द दर शब्द नोट करने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में अब कार्यवाही की रिकॉर्डिग के लिए ऑडियो सिस्टम की मदद ली जाएगी। ऑडियो सिस्टम की व्यवस्था सीपीडब्ल्यूडी के स्तर से होगी। वहीं बाद में ऑडियो को रिपोर्टिग सर्विस को ट्रांसक्रिप्शन के लिए हैंडओवर किया जाएगा।
निर्देशों के मुताबिक कमेटी की बैठक वाले कमरे के प्रवेश पर सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। वहीं कमेटी रूम में सीटिंग अरेंजमेंट में छह फीट की दूरी का ध्यान रखा जाएगा। खास बात है कि बैठक के लिए कमेटी के सदस्यों को कोई प्रिंटेड मैटेरियल नहीं दिया जाएगा, बल्कि सभी दस्तावेज सॉफ्ट कॉपी मे उपलबध कराए जाएंगे। यहां तक की वार्षिक रिपोर्ट भी सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान किसी भी सहायता के लिए स्टाफ लॉबी एरिया में उपलब्ध रहेंगे। लोकसभा सचिवालय की ओर से यह नोटिफिकेशन पार्लियामेंट्री कमेटी की सभी ब्रांचेज को जारी किया गया है।
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