पुलवामा हमले के बाद ऐसी खबरे सामने आ रही थीं कि सीआरपीएफ ने अपने जवानों को जम्मू से श्रीनगर लाने के लिए गृह मंत्रालय से हवाई यात्रा की व्यवस्था करने का आग्रह किया था, जिसे गृह मंत्रालय ने ठुकरा दिया था। इस आशय की खबरें तमाम न्यूज़ चैनलों और वेबसाइट पर प्रकाशित की गई थीं।
अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक ट्वीट के जरिए इस बात का खंडन किया है। गृह मंत्रालय ने कहा ट्वीट में कहा है कि, “कुछ मीडिया में ऐसी खबरे प्रकाशित हुई हैं कि सीआरपीएफ जवानों को जम्मू से श्रीनगर लाने के लिए हवाई यात्रा की व्यवस्था करने से इनकार कर दिया था, यह खबरें सत्य नहीं हैं।”
वहीं सीआरपीएफ ने भी एक एडवाइज़री जारी की है। दरअसर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला होने के बाद सोशल मीडिया पर तमाम किस्म की पोस्ट डाली जा रही हैं। सीआरपीएफ ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जवानों के शारीरिक अंगों की कथित तस्वीरें और कश्मीरी छात्रों पर हमले की सभी खबरें सिर्फ अफवाह हैं और झूठी हैं। सीआरपीएफ ने इस तरह की किसी भी तस्वीर को शेयर न करने और ऐसी अफवाहों और फोटो के बारे में सीआरपीएफ को सूचित करने की अपील भी की है।
सीआरपीएफ ने अपनी एडवाइज़री में कहा है कि, “कश्मीरी छात्रों को परेशान किए जाने के बारे में कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैला रहे हैं। सीआरपीएफ हेल्पलाइन ने ऐसी सभी खबरों और शिकायतों की जांच की और पाया कि यह सब झूठ है। यह सब नफरत फैलाने की कोशिश है, कृपया ऐसी पोस्ट को सर्कुलेट न करें।“
इसके अलावा सोशल मीडिया में पुलवामा के शहीदों के शरीर के अवशेषों की कथित फोटो को भी सीआरपीएफ ने फर्जी बताया है। सीआरपीएफ ने इस बारे में भ एक एडवाइजरी जारी कर कहा है कि, “यह सामने आया है कि सोशल मीडिया पर कुछ आराजक तत्व शहीद जवानों के शरीर के अवशेष बताकर फर्जी फोटो को शेयर कर रहे हैं, जिससे लोगों के बीच नफरत फैलाई जा सके। लेकिन, हम सब एक हैं। ऐसे में आग्रह है कि किसी भी ऐसी पोस्ट या फोटो को शेयर, सर्कुलेट या लाइक ना करें। इसके अलावा ऐसे कंटेट की जानकारी webpro@crpf.gov.in पर शिकायत के रूप में दर्ज कराएं।“
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