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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में बड़ा मार्च राज-उद्धव ठाकरे ने किया नेतृत्व, उद्धव बोले- 'तानाशाही' को कर देंगे दफन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में राज-उद्धव ठाकरे ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर CEC के इस्तीफे की मांग की।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में संयुक्त विरोध मार्च का नेतृत्व किया।

  • ‘विराट गर्जना मोर्चा’ में कांग्रेस और NCP (SP) के नेता भी शामिल हुए।

  • प्रदर्शनकारियों ने SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर ज्ञानेश कुमार को हटाने या उनके इस्तीफे की मांग की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में रविवार को विपक्षी दलों का प्रदर्शन हुआ। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से विरोध मार्च का नेतृत्व किया। ‘विराट गर्जना मोर्चा’ में कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के नेता भी शामिल हुए।

मेट्रो सिनेमा से BMC मुख्यालय तक मार्च

यह मार्च मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर दक्षिण मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय तक निकाला गया। मार्च में शामिल प्रतिभागियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग की।

इस प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के झंडों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई थी। कार्यकर्ताओं और समर्थकों से केवल राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर आने को कहा गया था। यह प्रदर्शन मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की ओर से आयोजित ‘जेल भरो आंदोलन’ के दो दिन बाद हुआ।

उद्धव ठाकरे ने ‘Make in India’ पर साधा निशाना

मार्च के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने ‘Make in India’ के नारे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब उन्होंने ‘Make in India’ का नारा दिया था और वह इसे स्वीकार करते हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर ‘Make in India’ के तहत देश में एक तानाशाह भी तैयार किया जा रहा है, तो वे उस तानाशाही को दफन करने और उसे खत्म करने के लिए यहां जुटे हैं। उन्होंने कहा कि ‘Make in India’ के तहत बाकी सब ठीक है, लेकिन इसके नाम पर अगर तानाशाही पैदा की जाएगी तो उसे दफन कर दिया जाएगा।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इस पूरे प्रदर्शन का केंद्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार रहे। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए उन्हें पद से हटाने या इस्तीफा देने की मांग की। राज और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में निकले मार्च में कांग्रेस और NCP (SP) नेताओं की भागीदारी ने प्रदर्शन को विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई का रूप दिया।

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