
NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने अदालत में कहा है कि शुरुआती जांच में जिस संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को इस मामले का मास्टरमाइंड बताया गया था, उसके खिलाफ दो साल की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि उसने प्रश्नपत्र चुराया या उसे आगे बेचने में कोई भूमिका निभाई। सबूत नहीं मिलने के कारण सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल नहीं किया।
5 मई 2024 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के दौरान पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद करीब 24 लाख छात्र प्रभावित हुए थे। इस घटना के बाद पूरे देश में हंगामा मच गया था और परीक्षा आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) भी छात्रों और अभिभावकों के निशाने पर आ गई थी।
मामले की शुरुआती जांच बिहार पुलिस ने की थी। जांच के दौरान संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया का नाम कथित मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। नाम सामने आने के बाद वह फरार हो गए था, लेकिन बाद में बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
बाद में यह मामला CBI को सौंप दिया गया। एजेंसी ने पेपर चोरी और उसे बेचने से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की। जांच के दौरान CBI ने पटना की अदालत में 45 आरोपियों के खिलाफ कई आरोपपत्र दाखिल किए और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
करीब दो साल बाद CBI प्रवक्ता ने कहा कि जांच के दौरान एजेंसी को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि संजीव मुखिया ने 2024 के NEET-UG प्रश्नपत्र को लीक किया या उसकी बिक्री में कोई भूमिका निभाई। एजेंसी का कहना है कि जांच में पूरी साजिश और उसमें शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है, लेकिन संजीव मुखिया की संलिप्तता साबित नहीं हो सकी।
सीबीआई ने स्पष्ट किया कि सबूत नहीं मिलने के कारण संजीव मुखिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। इसी वजह से उन्हें NEET-UG 2024 मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है।
हालांकि, एजेंसी ने बताया कि जमानत मिलने के बावजूद संजीव मुखिया जेल में ही रहा, क्योंकि बिहार पुलिस के अन्य मामलों में भी वे आरोपी था। सीबीआई ने कहा कि NEET-UG 2024 पेपर चोरी मामले की गहन जांच की गई, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी कानून की पकड़ से बच न सके।
सीबीआई फिलहाल इसी साल सामने आए NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की भी जांच कर रही है। इस मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी धरना दे रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए