
कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महंगाई की सच्चाई पर पर्दा डालने और आंकड़ों की बाजीगरी के जरिये जनता को गुमराह करने में लगी है, जबकि महंगाई आम लोगों की जेब पर चौतरफा असर डाल रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को बिजली की तारों से संबंधित खबर को शेयर कर आरोप लगाया कि फर्जी हेडलाइन में व्यस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम आदमी का घर बनाने का सपना भी छीन लिया है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि मोदी सरकार देश को महंगाई का हर सप्ताह नया झटका दे रही है और अब इसका असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘मोदी सरकार हर हफ्ते देश को महंगाई का एक नया ‘हाई-वोल्टेज’ झटका दे रही है। फर्जी हेडलाइन में व्यस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम आदमी का घर बनाने का सपना भी छीन लिया है।’’
उन्होंने कहा कि घर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से लेकर बिजली के सामान तक, हर क्षेत्र में गरीब और मध्यम वर्ग पर महंगाई का बोझ बढ़ रहा है।
रमेश के मुताबिक, तांबे के तार की कीमत 850 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 1,700 रुपये प्रति किलोग्राम और एल्युमिनियम की कीमत 350 रुपये से बढ़कर 650 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
उन्होंने दावा किया कि 1,000 वर्ग फुट के घर में बिजली के तार बिछाने का खर्च 50,000 रुपये से बढ़कर करीब एक लाख रुपये हो गया है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सोलर पैनल की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पंखे और फॉल्स सीलिंग की लागत भी बढ़ी है। उनके अनुसार, इस्त्री जैसे घरेलू उपकरण 20 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं और एलईडी एवं हैलोजन लाइटों की कीमतों में भी करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ‘स्विच-सॉकेट’, ‘मेन लाइन केबल’, ‘टाइल’, तार बिछाने और मजदूरी समेत मकान निर्माण से जुड़े लगभग सभी खर्च बढ़ गए हैं।
रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई से जुड़े इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी का सहारा ले रही है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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