साइबर सिक्यूरिटी रिसर्चर निसर्ग अधिकारी ने भी जंतर मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है। शुक्रवार को निसर्ग जंतर मंतर पहुंचे और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके से मिले। 19 वर्षीय निसर्ग वही हैं जिन्होंने सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुई भयावह धांधली की पोल खोली थी और और ओएसएम (ऑन स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम हैक कर लिया था।
निसर्ग ने जंतर मंतर पहुंचकर अपने अधिकारिक एक्स अकाउंट से वहां की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने अभिजीत दिपके और एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता अनीश गवांडे के साथ खिंचवाई तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “एनर्हांजी हियर इस क्रेजी...(यहां का जोश देखने लायक है...।”
निसर्ग अधिकारी के जंतर मंतर पहुंचने पर अभिजीत दिपके ने भी लिखा, “इट वॉज एन ऑनर टू मीट यू लिजेंज...।”
सिर्फ बताने के लिए कि बीते सात सप्ताह से छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच 20 जुलाई को संसद चलो मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई थीं, आंसूगैस के गोले छोड़े थे और बर्बरता की थी। इसके बाद निसर्ग ने बीती रात एक्स पर लिखा था कि वह भी जंतर मंतर आने वाले हैं। वह अकेले आ रहे हैं और नहीं चाहते कि पुलिस उन्हें परेशान करे।
निसर्ग फिलहाल आईआईटी कानपुर के साथ काम करते हैं। उन्हें संस्था नकी सी3आईहब (आईआईटी की साइबर सिक्यूरिटी हब) में थ्रेट इंटेलीजेंस इंजीनियर के तौर पर कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है। जब उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें कितने पैसे मिलते हैं तो उन्होंने कहा था कि ठीकठाक, लेकिन अगर अमेरिकी क्लाइंट के लिए काम करता तो कहीं ज्यादा मिलते।
निसर्ग अधिकारी ने इस साल मई में इस बात का खुलासा किया था कि सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम में बड़ी खामियां हैं। उन्होंने न सिर्फ पासवर्ड बदलने में कामयाबी हासिल कर ली थी बल्कि एग्जामिनर के लॉगिन आईडी आदि भी एक्सेस कर लिए थे। सीबीएसई ने शुरु में इसे झुठलाया था लेकिन बाद में खामियों को स्वीकारना पड़ा था।
नीट पेपर लीक पर भी जब बवाल मचा था और सरकार ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम को बैन किया था, तो निसर्ग ने कहा था कि सरकार गलत जगह निशाना लगा रही है जबकि समस्या कहीं और है।
निसर्ग द्वारा ओएसएम सिस्टम की खामियां उजागर किए जाने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा सामने आया था।