
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड बताई जा रही किताब में छपे संस्मरण पर छिड़े राजनीतिक घमासान के बीच विपक्ष के नेताओं ने एक बार फिर इस किताब पर संसद में चर्चा कराने की मांग की है। साथ ही विपक्ष के नेताओं ने बीजेपी पर जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब के कथित प्रसार की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने पर कहा, "इसके लिए दिल्ली पुलिस को दोष न दें क्योंकि वे ऊपर से मिले ऑर्डर का पालन कर रहे हैं। मैंने पेंगुइन हाउस से एक नोटिफिकेशन देखा। एक पब्लिकेशन हाउस की यही वैल्यू और रुतबा होता है। किताब का एक पेज मैगजीन में पब्लिश हुआ था, जिसका पीडीएफ सभी के लिए उपलब्ध है। सरकार पूरी तरह से असुरक्षित है।"
Published: undefined
समाजवादी पार्टी नेता राजीव राय ने कहा, "सवाल ये नहीं है कि किताब किसने छापी, किसने बेची, सवाल ये है कि किताब में कौन सी 4 लाइन हैं कि सरकार उसका नाम भी नहीं सुनना चाहती और उस मुद्दे पर बहस भी नहीं करना चाहती, लेकिन सरकार इससे बचकर भाग रही है, जो सही नहीं है। अगर सरकार को लगता है कि कुछ नहीं है तो फिर उसे संसद में जवाब देना चाहिए।"
Published: undefined
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा, "दिल्ली पुलिस ने बीजेपी के लोगों की वजह से एफआईआर दर्ज की है, बीजेपी सरकार केस दर्ज करके इसे मुद्दा बनाना चाहती थी।" कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "जो कोई भी जानता है कि कोई किताब कैसे पब्लिश होती है, जब वह लिखी जाती है, तो उसे रिव्यू के लिए कई लोगों के बीच बांटा जाता है। कई लोग किताब के लिए ब्लर्ब लिखते हैं और उसे रिव्यू के लिए कई जर्नलिस्ट को दिया जाता है और लोग कई दूसरे पब्लिकेशन में भी रिव्यू और हिस्से लिखते हैं।"
Published: undefined
चिदंबरम ने कहा कि वैसे भी आज पब्लिकेशन का मतलब फिजिकल नहीं है। पब्लिकेशन का मतलब है कि एक पोस्ट भी एक पब्लिकेशन है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट एक पब्लिकेशन है या फेसबुक पर एक पब्लिकेशन है। तो वैसे भी, यह इस सरकार के तहत एजेंसियों का एक और गलत काम है।" कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, "कांग्रेस की महिला सांसद और विपक्ष की महिला सांसद बहुत मजबूत हैं। कांग्रेस की महिला सांसद ट्रेजरी बेंच द्वारा भेजे गए लेटर से डरने वाली नहीं हैं।"
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined