
अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी दलों ने बुधवार को संसद परिसर में मार्च निकाला।
यह मार्च संसद परिसर में 'प्रेरणा स्थल' में महात्मा गांधी की प्रतिमा से संसद भवन के मकर द्वार तक निकला गया।
मार्च में शामिल कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है और यदि पैलेट गन, आंसू गैस तथा लाठीचार्ज का इस्तेमाल हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने एक बड़ा बैनर पकड़ रखा था, जिस पर 'अमित शाह, जवाब दो' लिखा हुआ था।
विपक्षी दलों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव समेत विभिन्न विपक्षी दलों के कई सांसद और नेता शामिल हुए।
प्रियंका गांधी ने कहा, "संदेश यह है कि जो लोग सत्ता में हैं, उनकी लोगों के प्रति जिम्मेदारी है। यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं है और न ही कोई राज दरबार है।"
उन्होंने कहा, "अगर कुछ हुआ है, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी किसी की तो होनी चाहिए। किसी ने तो इसका आदेश दिया होगा, इसलिए जिम्मेदारी लीजिए। यही इस देश की परंपरा रही है।"
विपक्षी दलों का आरोप है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार जवाबदेही से बच रही है।
इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद पिछले कई दिनों से रोजाना संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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