
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उत्तर प्रदेश के लोनी को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर के रूप में सूचीबद्ध करने वाली एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में पूरी तरह सुधार करने और पीएम2.5 के स्तर को कम करने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
रमेश ने कहा कि पीएम2.5 का स्तर देश भर में स्वास्थ्य संबंधी त्रासदी का रूप ले चुका है।
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पिछले दिनों जारी विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट, 2025 में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारक सूक्ष्म कण (पीएम) के स्तर के मामले में भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश, जबकि उत्तर प्रदेश का लोनी विश्व स्तर पर सबसे प्रदूषित शहर बताया गया था और दिल्ली चौथे स्थान पर है।
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पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘गाजियाबाद के पास स्थित लोनी भारतीय पौराणिक कथाओं के साथ-साथ इतिहास से भी जुड़ा है। यहां भारत की मिश्रित संस्कृति को प्रतिबिंबित करने वाले कई महत्वपूर्ण पूजा स्थल हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यहां कुछ सुंदर बाग भी हैं। इसका उल्लेख रामायण में भी मिलता है। लेकिन लोनी शहर अब विश्व स्तर पर सुर्खियों में आ गया है क्योंकि 2025 में यहां की वायु गुणवत्ता दुनिया की सबसे खराब रही, जहां पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से बीस गुना अधिक है। इसके बाद मेघालय का बर्नीहाट, दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिम बंगाल का उला शहर आता है।’’
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रमेश ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में संपूर्ण सुधार की आवश्यकता है ताकि पीएम2.5 के स्तर में कमी लाने पर तेजी से ध्यान केंद्रित किया जा सके, जो देश भर में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य त्रासदी बन गया है।’’
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पीटीआई के इनपुट के साथ
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