
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आजमगढ़ जिले में दलितों के चार मकानों पर बुलडोज़र चला दिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि कुछ पुलिस वालों की दलित परिवारों से कथित तौर पर कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक कहासुनी उस वक्त हुई जब पलिया गांव के प्रधान को एक पुलिस इंस्पेक्टर ने पीट दिया। इससे गांव के लोग नाराज हो गए। प्रधान दलित समुदाय का बताया जाता है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इसके बाद पुलिस वाले जेसीबी मशीने लेकर आए और 4 दलित परिवारों के मकान ढहा दिए।
इस घटना पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उत्तर प्रदेश शासन की दलित विरोधी मानसिकता सामने आई है। उन्होंने इस मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए दलित परिवारों को मुआवजा देने का अनुरोध किया है।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव अनिल यादव ने इस घटना के खिलाफ सैकड़ों दलितों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरना भी दिया। उन्होंने फोन पर बताया कि अगर योगी सरकार ने इस मामले में दोषियों को दंड नहीं दिया और दलित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया तो कांग्रेस अनिश्चितकाली हड़ताल करेगी। उन्होंने कहा कि, “इस घटना से एक बार फिर बीजेपी सरकार की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हुई है। इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। अन्य राजनीतिक दलों के विपरीत कांग्रेस जमीन पर उतरकर इस घटना का विरोध कर रही है।”
अनिल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस पूर्व में भी दलितों के अधिकारों और उनके न्याय के लिए लड़ती रही है और वह आगे भी ऐसा करती रहेगी। उन्होंने कहा कि वह हाथरस की घटना हो या फिर सहारनपुर की घटना, कांग्रेस हमेशा से इस मामले में सबसे पहले आवाज उठाती रही है।
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