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राहुल गांधी बोले- सावरकर हो या नरेंद्र मोदी समझौता करना इनकी पुरानी आदत, ये संविधान की विचारधारा को नहीं मानते

राहुल गांधी ने आगे कहा कि महात्मा गांधी जी, बाबा साहेब अंबेडकर जी, कांशीराम जी और सावरकर में बहुत बड़ा फर्क है। गांधी जी, बाबा साहेब, कांशीराम जी ने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया। लेकिन सावरकर हो या नरेंद्र मोदी समझौता करना इनकी पुरानी आदत रही है।

फोटो: ians
फोटो: ians 

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि आज अगर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जीवित होते, तो बहुजन नेता कांशी राम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते। राहुल गांधी ने कांशी राम की जयंती के मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'सामाजिक परिवर्तन दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। कांग्रेस नेता ने कांशी राम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन वंचित समुदायों के लिए समानता और सामाजिक न्याय की लड़ाई को समर्पित कर दिया।

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केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में सत्ता और संसाधन कुछ ही लोगों के हाथों में सिमटे हुए हैं। उन्होंने लोगों से देश की नौकरशाही, कॉर्पोरेट क्षेत्र और बड़ी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधन की बनावट पर गौर करने का आग्रह किया। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में दलितों, अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) और आदिवासियों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, अगर आप मनरेगा श्रमिकों की सूची देखेंगे, तो आपको यही समुदाय भारी संख्या में मिलेंगे।

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दलितों, आदिवासियों और ओबीसी के लिए अवसर व्यवस्थित तरीके से कम किए जा रहे

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के तहत दलितों, आदिवासियों और ओबीसी के लिए अवसर व्यवस्थित तरीके से कम किए जा रहे हैं, खासकर सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के मामले में, भर्ती और इंटरव्यू प्रक्रियाओं के जरिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व देने में विश्वास रखती है।

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उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान एक ऐसी विचारधारा को दर्शाता है जो हज़ारों सालों में बनी है और जिसमें महात्मा गांधी, डॉ. बीआर अंबेडकर और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं का सार है। उन्होंने कहा कि संविधान सावरकर या गोडसे की विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करता और जो लोग उस विचारधारा को मानते हैं, वे असल में संविधान की भावना का सम्मान नहीं करते।

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भारतीय समाज दो हिस्सों में बंट गया है

राहुल गांधी ने आगे दावा किया कि भारतीय समाज दो हिस्सों में बंट गया है, एक 15 प्रतिशत का विशेषाधिकार प्राप्त अल्पसंख्यक वर्ग और दूसरा 85 प्रतिशत का बहुसंख्यक वर्ग, जिसमें संसाधनों और सत्ता का लाभ ज्यादातर उसी छोटे वर्ग तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समानता और शासन-प्रशासन में हाशिए पर पड़े समुदायों की ज्यादा भागीदारी के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "हमें ऐसी राजनीति करनी चाहिए जो समाज में बदलाव लाए। ऐसी राजनीति करें जो हिंदुस्तान के गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों को देश की सत्ता में शामिल होने का मौका दे।"

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गांधी जी, बाबा साहेब, कांशीराम जी ने कभी अपनी विचारधारा से Compromise नहीं किया

राहुल गांधी ने आगे कहा कि महात्मा गांधी जी, बाबा साहेब अंबेडकर जी, कांशीराम जी और सावरकर में बहुत बड़ा फर्क है। गांधी जी, बाबा साहेब, कांशीराम जी ने कभी अपनी विचारधारा से Compromise नहीं किया। लेकिन सावरकर हो या नरेंद्र मोदी- Compromise करना इनकी पुरानी आदत रही है।

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पीएम मोदी संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं

राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बाबा साहेब और कांशीराम जी ने वंचितों के हक की लड़ाई लड़ी, पूरा जीवन समाज के लिए दे दिया, लेकिन अपनी विचारधारा से Compromise नहीं किया। संविधान में हिंदुस्तान की हजारों साल की आवाज दर्ज है। मगर इस संविधान में सावरकर, गोडसे की आवाज नहीं है, क्योंकि ये सब संविधान के खिलाफ थे। नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें- वे संविधान और इसकी विचारधारा को नहीं मानते।

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नरेंद्र मोदी ने हमारी Energy Security अमेरिका को सौंप दी

राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने हमारी Energy Security अमेरिका को सौंप दी। नरेंद्र मोदी ने ट्रेड डील में अमेरिका को सब कुछ दे दिया, लेकिन भारत को अमेरिका से कुछ नहीं मिला। उल्टा टैरिफ ज्यादा हो गया। 'नरेंदर' Epstein File और Adani case के चलते 'सरेंडर' हो गए। हमें हिंदुस्तान में बदलाव लाने की राजनीति करनी है। ऐसी राजनीति करें, जिससे हिंदुस्तान के गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को देश के पावर सेक्टर में शामिल किया जा सके।

नरेंद्र मोदी ने :

• हिंदुस्तान का सारा डेटा अमेरिका को सौंप दिया

• अमेरिका के लिए हिंदुस्तान का पूरा बाजार खोल दिया

• अमेरिका से कहा: हर साल 9 लाख करोड़ का सामान खरीदेंगे

अगर अमेरिका का सामान भारत आएगा तो हमारे किसानों और व्यापारियों का क्या होगा?

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