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जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, पुंछ-राजौरी में भूस्खलन से 11 लोगों की मौत, 7 लापता, बचाव अभियान जारी

सीमावर्ती दोनों जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे बारिश का नया दौर शुरू हुआ, जो पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रहा। उफनते नालों, फिसलन भरी जमीन और कम दृश्यता के कारण बचाव कार्य बाधित हो रहा है। लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, पुंछ-राजौरी में भूस्खलन से 11 लोगों की मौत, 7 लापता, बचाव अभियान जारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, पुंछ-राजौरी में भूस्खलन से 11 लोगों की मौत, 7 लापता, बचाव अभियान जारी फोटोः IANS

जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में सोमवार को भारी बारिश के कारण भूस्खलन की चपेट में आने से एक महिला और उसके दो बच्चों समेत कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग लापता हैं। इसी के साथ राज्य में बारिश के कहर से पिछले दो दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।

बाढ़ प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बचाव और राहत कार्यों में बाधा आई। अधिकारियों के अनुसार, सात लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि पुंछ जिले के लोरान के ऊपरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक कच्चा मकान ढह गया, जिसके मलबे में दो बच्चों समेत सात लोग जिंदा दब गए।

अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने मलबे से सात शव निकाले। मृतकों की पहचान जाहिदा बेगम (38), उनके छह वर्षीय बेटे मनन रफीक, चार वर्षीय बेटी अलीसा, तनवीर अहमद भट (27), शमीम अख्तर (33), शबनम बानो (31) और मोहम्मद इरफान (17) के रूप में हुई। सभी पुंछ जिले की मंडी तहसील के अरिगाम गांव के निवासी थे।

अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन सोमवार को पुंछ के लोरान-दुमिलन इलाके में हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक बाढ़ और भूस्खलन के गंभीर खतरे को देखते हुए मस्जिदों से लोगों को सतर्क करने के लिए घोषणाएं की गईं। पुलिस, नागरिक प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवक मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और बचाव अभियान जारी है।

डोडा जिले में जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रग्गी नाले के पास एक यात्री बस पहाड़ी से लुढ़क रही एक चट्टान की चपेट में आ गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई इस घटना में कुलवंत सिंह और मनीष कुमार की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। चट्टानें गिरने से दो निजी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग लंबे समय तक अवरूद्ध रहा। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के कश्तीगढ़ क्षेत्र में शिव देवी नामक एक महिला की घर के पास गिरती चट्टान की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, अचानक आई बाढ़ में बह गए विकास अहमद का शव सोमवार सुबह राजौरी शहर के सलानी क्षेत्र में नदी से बरामद किया गया।

पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। पुंछ जिले में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और छह लोग लापता हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को मृतकों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। अब्दुल्ला ने कहा कि किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता अपनों को खोने के अपूरणीय दुख की भरपाई नहीं कर सकती।

सीमावर्ती दोनों जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे बारिश का नया दौर शुरू हुआ, जो पूरे दिन रुक-रुक कर जारी रहा। उन्होंने बताया कि उफनते नालों, फिसलन भरी जमीन और कम दृश्यता के कारण बचाव टीम की आवाजाही बाधित हो रही है। लापता लोगों का पता लगाने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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