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राजस्थान: उदयपुर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया परिसर, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

कोर्ट परिसर से फिलहाल किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की खबर नहीं है, लेकिन तलाशी अभियान जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे परिसर की अच्छी तरह जांच के बाद ही कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

राजस्थान के उदयपुर में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। जैसे ही यह सूचना सामने आई, पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे यह धमकी मिली, ठीक उसी समय जब वकील और मुकदमे से जुड़े लोग कोर्ट पहुंचना शुरू ही हुए थे। प्रशासन ने बिना देर किए तुरंत कोर्ट परिसर को खाली कराने का आदेश दिया। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर खाली करा लिया गया, सभी गेट बंद कर दिए गए और चारों तरफ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लगा दी गई।

मौके पर जिला पुलिस के साथ-साथ डॉग स्क्वॉड और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड की टीमों को भी बुलाया गया। सुरक्षा कर्मी कोर्ट के हर कमरे, गलियारे और कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ले रहे हैं, ताकि किसी भी तरह के खतरे को पूरी तरह से नकारा जा सके।

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बताया जा रहा है कि यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन है।

अचानक हुए इस घटनाक्रम की वजह से कोर्ट के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, खासकर कोर्ट सर्किल के पास। इससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। फिलहाल अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की खबर नहीं है, लेकिन तलाशी अभियान जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे परिसर की अच्छी तरह जांच के बाद ही कोई अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

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हाल के दिनों में राजस्थान में इस तरह की धमकियों के मामले बढ़े हैं। 28 अप्रैल को राजस्थान विधानसभा को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहां भी कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली।

इसके अलावा 13 अप्रैल को हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला था। लगातार मिल रही इन धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां और भी ज्यादा सतर्क हो गई हैं।

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