
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों और राज्य सरकार के बीच सहमति बनने के बाद भूख हड़ताल खत्म किए जाने पर खुशी जताई है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना, जिससे समाधान निकल सका।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि छात्रों ने संयम बनाए रखा और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा, “यही सही तरीका है - छात्र सवाल पूछें, तो जवाब मिलना चाहिए।”
राहुल गांधी ने कहा कि वह देश के हर छात्र के साथ खड़े हैं। उन्होंने छात्रों से जुड़े कथित ‘वसूली तंत्र’ में बदलाव की बात करते हुए कहा कि इसे जड़ से बदलने की जरूरत है, ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अधिकार मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में व्यवस्था बदलेगी और ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जो छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर दे, न कि उन्हें पीछे खींचे।
आपको बता दें, झारखंड में 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सीएम हेमंत सोरेन सरकार ने बीती रात छात्रों की सबसे बड़ी मांग को मानते हुए साल 2024 में आयोजित जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द कर दी। इसके साथ ही सरकार ने टीडीपीएल नामक एजेंसी द्वारा राज्य में कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं की भी रद्द कर दिया है। साथ ही सीएम ने ऐलान किया कि 2014 से भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 14वीं जेपीएससी पीटी और बैकलॉग सिविल सर्विस परीक्षा रद्द करने का निर्णय पूर्व में ही आंदोलित छात्रों के साथ वार्ता के दौरान लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब 2014 से लेकर वर्तमान तक जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है।
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