
पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए बुधवार को संपन्न हुए चुनाव में आजादी के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग ने बताया कि बुधवार को दूसरे और अंतिम चरण में शाम 7.45 बजे तक 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। आयोग ने बताया कि राज्य में इससे पहले सबसे अधिक मतदान 2011 के विधानसभा चुनावों के दौरान 84.72 प्रतिशत रहा था।
चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में मतदान करने वाली महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी। दो चरणों में कुल 93.24 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जबकि पुरुष मतदान प्रतिशत 91.74 प्रतिशत रहा। आयोग ने कहा कि ये आंकड़े अस्थायी हैं और इसमें सेवा मतदाताओं और डाक मतपत्रों को शामिल नहीं किया गया है।पश्चिम बंगाल में 6.81 करोड़ मतदाता हैं।
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सबसे कम मतदान कोलकाता (दक्षिण) के चुनावी जिले में 87.25 प्रतिशत रहा। जिले और कोलकाता के कुछ इलाकों में छिटपुट चुनावी हिंसा और झड़पों को छोड़कर, समग्र मतदान प्रक्रिया कमोबेश शांतिपूर्ण रही। यह मतदान केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के तहत संपन्न हुआ, जिसकी निगरानी 142 सामान्य पर्यवेक्षकों और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों ने की, जो पहले चरण के मतदान में 84 अधिक थे।
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नौ अप्रैल को असम और पुडुचेरी में क्रमशः 85.38 प्रतिशत और 89.83 प्रतिशत मतदान हुआ, जिससे अब तक के सबसे अधिक मतदान का रिकॉर्ड टूट गया। आयोग के अनुसार, इससे पहले तमिलनाडु में सबसे अधिक मतदान भागीदारी 78.29 प्रतिशत (2011 के विधानसभा चुनाव) और पश्चिम बंगाल में 84.72 प्रतिशत (2011) था। दोनों राज्यों में, मतदान में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक रही। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को सभी 234 सीटों पर मतदान हुआ था, जहां कुल 5.73 करोड़ मतदाता हैं।
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उच्च मतदान प्रतिशत पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘‘आजादी के बाद पश्चिम बंगाल में अब तक के सबसे अधिक मतदान प्रतिशत के लिए निर्वाचन आयोग राज्य के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।’’ मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में रिकॉर्ड संख्या में मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए वहां की जनता को बधाई दी।
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सीईओ कार्यालय की ओर से बताया गया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान पर कड़ी निगरानी रखी, जिसे पश्चिम बंगाल (द्वितीय चरण) के सभी मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित किया गया था। सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने बताया, “यह अंतिम आंकड़ा नहीं है, क्योंकि शाम 6 बजे तक कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी थीं, इसलिए अंतिम मतदान प्रतिशत देर शाम या गुरुवार की सुबह तक उपलब्ध होगा।”
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बुधवार को अंतिम चरण का मतदान प्रतिशत 23 अप्रैल को पहले चरण में दर्ज किए गए 93.19 प्रतिशत के आंकड़े के बहुत करीब या उससे भी अधिक होने की संभावना है। पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ था, जबकि बुधवार को दूसरे चरण में शेष 142 क्षेत्रों के लिए मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल के परिणाम भी 4 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और असम विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद घोषित होंगे।
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