
सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के बागी तेवर सामने आने के बाद पूरी की पूरी न्यायपालिका के कामकाज को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, और इस मामले की चौतरफा चर्चा हुई थी। कुछ ने इसकी आलोचना की थी, तो कुछ ने इसे कोर्ट का अंदरूनी मामला बताया था। लेकिन मंगलवार शाम जजों के लिए अच्छी खबर आई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मोदी सरकार के उस बिल को मंजूरी दे दी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों का वेतना करीब तीन गुना करने की बात थी। इस बिल के संसद ने पास कर दिया था और यह राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए गया था।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब देश के मुख्य न्यायाधीश का वेतन 2.80 लाख रुपए प्रतिमाह हो जाएगा। फिलहाल उनकी तनख्वाह एक लाख रुपए महीना है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दूसरे जजों के वेतन में भी 200 फीसदी से ज्यादा का इजाफा होगा।
फिलहाल जजों को कितना वेतन मिलता है, यह नीचे की तालिका में देखें।
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जजों की तनख्वाह बढ़ाने का फैसला 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। इन सभी जजों को बढ़ा हुआ वेतन 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। बढ़े हुए वेतन का फायदा सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा 29 जजों, हाईकोर्ट के 682 जजों और 2,500 रिटायर्ड जजों को मिलेगा।
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