
संविधान की मूल आत्मा का उल्लंघन करने वाले विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक को बीजेपी की अगुवाई वाली मोदी सरकार ने लोकसभा में तो संख्याबल के दम पर पास करा लिया। इसमें कभी बीजेपी की सहयोगी रही शिवसेना ने भी उसका साथ दिया, लेकिन राज्यसभा में शिवसेना बीजेपी को झटका दे सकती है।
इस बिल को राज्यसभा से पास कराना बीजेपी के लिए कड़ी चुनौती है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि पार्टी राज्यसभा में इस बिल का समर्थन नहीं करेगी, जब तक कि यह इस बिल से संबंधित उनके कुछ सवालों का जवाब नहीं मिलता है।
ठाकरे ने कहा कि “हमने कई सवाल पूछे हैं। इन सवालों में राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर भारत के विभिन्न राज्यों में स्थानीय लोगों के अधिकार से जुड़े सवाल शामिल हैं। यदि इन प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया जाता है, तो हम राज्य सभा में इस बिल का समर्थन नहीं करेंगे। इसका समर्थन या विरोध करने वाली हर पार्टी राष्ट्रीय हित में स्पष्टता के लिए कह रही है और सरकार द्वार इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”
ध्यान रहे कि राज्यसभा की मौजूदा सदस्य संख्या 238 है। समें बीजेपी के 83 सांसद हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि राज्यसभा में 122 सदस्य पहले से ही इस बिल का समर्थन कर रहे हैं और पार्टी को उम्मीद है कि अधिक दल उनके साथ जुड़ेंगे। लेकिन शिवसेना समेत अन्य दलों के रुख के कारण बीजेपी को राज्यसभा से इस बिल को पास करना फिलहाल टेढ़ी खीर ही नजर आ रहा है। ध्यान रहे कि मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में, संख्या की कमी के कारण ही राज्यसभा में यह विधेयक आगे नहीं बढ़ा था।
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Published: 10 Dec 2019, 8:30 PM IST