
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी एमसीडी की कार्यप्रणाली को बड़ा मुद्दा बनाने वाली है। बीजेपी एमसीडी में हुए कामों के दम पर चुनाव जीतने का सपना देख रही है। इस काम के आधार पर लोगों से वोट मांगेंगी। लेकिन एमसीडी में काम के आधार आईएएनएस-सीवोटर दिल्ली पोल ट्रैकर ने सर्वे किया, जिसके नतीजे बीजेपी के लिए परेशान करने वाले हैं।
अभी दिल्ली में तीनों नगर निगमों पर काबिज बीजेपी के लिए आईएएनएस-सीवोटर दिल्ली पोल ट्रैकर के नतीजे परेशान करने वाले हो सकते हैं। इस सर्वेक्षण में शामिल प्रतिभागियों के बहुमत ने कहा कि अगर उन्हें मौका मिले तो वह स्थानीय म्युनिसिपालिटी में तुरंत बदलाव करना पसंद करेंगे।
यह सर्वे जनवरी के पहले हफ्ते में किया गया और इसमें 13076 लोगों से उनकी राय पूछी गई। सर्वे में नगर निगम से जुड़े प्रश्न शामिल थे। और, जो उत्तर मिले, वे बीजेपी को सोच में डालने वाले हो सकते हैं, जो दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को परास्त करने की कोशिश में लगी है।
सर्वेक्षण में 47.6 फीसदी लोगों ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाले नगर निगमों का अभी अगर चुनाव हो जाए तो वे तत्काल इसकी कमान बीजेपी के हाथ से लेना पसंद करेंगे। 44.8 फीसदी लोगों ने कहा कि वे कोई बदलाव नहीं चाहते यानी वे बीजेपी के साथ हैं। 7.6 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि वे इस बारे में कुछ कह नहीं सकते।
सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि क्या वे बीजेपी के स्थानीय मेयर को बदलना चाहेंगे तो 43.9 फीसदी ने कहा कि नहीं जबकि 35.9 फीसदी ने हां में जवाब दिया। 20.2 फीसदी ने कहा कि वे कुछ कह नहीं सकते।
इसी तरह जब प्रतिभागियों से पूछा गया कि क्या वे अपने वार्ड के पार्षद को बदलना चाहेंगे तो 28.2 फीसदी ने कहा हां, 55 फीसदी ने कहा नहीं और 16.8 फीसदी ने कहा कि नहीं कह सकते।
गौरतलब है कि 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा का चुनाव आठ फरवरी को होगा और मतों की गणना 11 फरवरी को होगी। लेकिन इससे पहले ये सर्वे बीजेपी के लिए परेशानी बढ़ाने के लिए काफी है।
(आईएएनएस के इनपुट के साथ)
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Published: 07 Jan 2020, 12:05 PM IST