
गुजरात के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। मूसलाधार बारिश की वजह से सूरत, कच्छ समेत करीब दर्जनभर जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से नदिया उफान पर हैं। कई जिलों में निचले इलाकों में पानी भर गया है। गुरात के लोगों को फिलहाल बारिश से राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
वडोदरा में 48 घंटे से हो रही भारी बारिश की वजह से रफ्तार पर ब्रेक लगा गया है। इतनी बारिश हुई है कि सड़कों पर गाड़ियां डूब गई हैं। इन इलाकों से कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें देखा सकता है कि यहां कैसे हालात हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 29 अगस्त को भी सौराष्ट्र में भारी बारिश की संभावना है। उत्तर गुजरात के जिलों को छोड़कर सभी जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।
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मौसम विभाग ने कच्छ, सौराष्ट्र के सभी जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। अहमदाबाद, महिसागर, वडोदरा, पंचमहल, छोटाउदेपुर, खेड़ा, आणंद, दाहोद, भरूच और नर्मदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सूरत, तापी, नवसारी, डांग, वलसाड, दमन और दादरा नगर हवेली में भी रेड अलर्ट है। ऐसे ही अगर बारिश जारी रही तो अगले दो में हालात और भयावह हो सकते हैं।
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वहीं, भारी बारिश राजकोट में हालात बिगड़ गए हैं। सड़कों पर इतना पानी भर गया है कि गाड़ियां डूब गई हैं। घरों में भी पानी भर गया है। आलम यह है कि लोग अपने घरों को छोड़ने को मजबूर हैं। लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।
राजकोट का रामनाथ महादेव मंदिर बाढ़ की चपेट में है। राजकोट में दो दिन में बीस इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पंचमहल में तीन बड़े बांध भारी बारिश की वजह से ओवरफ्लो हो गए हैं। ऐसे में अब तक इन बांधों से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जिसका असर आस-आप के इलाकों में देखा जा रहा है।
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गुजरात के खेड़ा में शेढी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है। आस-पास के गांव जलमग्न हो गए हैं। नदी के पास एक गौशाला में करीब 12 घंटे तक 15 लोग फंसे रहे, जिन्हें सडीआरएफ की टीम ने यहां से बाहर निकाला।
जामनगर में भी हालात बिगड़ गए हैं। यहां टोलनाका के पास एक कार नाले के तेज बहाव में फंस गई। कार में चार लोग सवार थे। कार में पानी भरने के बाद यह लोग कार के ऊपर चढ़कर मदद मांग रहे थे। पानी की तेज धार में बहती हुई कार पेड़ों के बीच जाकर फंस गई। तब जाकर इन लोगों की जान बची। पानी के तेज बहाव में जामनगर में पुलिस चौकी भी पानी भी बह गई।
मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच राज्य में 700 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी डांग और छोटाउदेपुर जिलों में 523 सड़कें बंद हैं।
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