
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि देशभर में विपक्षी दलों को एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना होगा। जब तक सभी विपक्षी दल एक साथ नहीं होंगे, तब तक लड़ाई नहीं जीती जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई होने तक विपक्ष चुप नहीं बैठेगा।
तेजस्वी यादव ने यह बात दिल्ली में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुलाकात के बाद कही। सोनिया गांधी ने सोमवार को दिल्ली में लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर उनकी तबीयत का हालचाल जाना। यह मुलाकात लालू प्रसाद की बड़ी बेटी और पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पर हुई। इस दौरान तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि लालू यादव नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली आए हुए थे। रविवार को उनकी सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी और उन्होंने लालू प्रसाद के दिल्ली में होने की जानकारी दी थी। इस पर सोनिया गांधी ने स्वयं उनसे मिलने आने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि लालू यादव और सोनिया गांधी के बीच शुरू से ही अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों ने एक-दूसरे की कठिन परिस्थितियों में सहयोग और मदद की है। उनके परिवार और गांधी परिवार के बीच भी काफी पुराना रिश्ता है। काफी समय बाद दोनों की मुलाकात हुई है।
सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद की तबीयत की जानकारी ली और उनका ख्याल रखने को कहा। इंडिया ब्लॉक की मजबूती के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में विपक्षी दलों को एकजुट होकर मजबूती से चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि रविवार को आयोजित कार्यक्रम अंतिम नहीं था। जब तक ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली को फ्लॉप बताए जाने और खाली कुर्सियों के दावों पर तेजस्वी यादव ने कहा कि विरोधी बेचैन और परेशान हैं, क्योंकि उनकी चोरी पकड़ी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग लोकतंत्र को कुचलकर सत्ता का लाभ उठा रहे हैं। रामलीला मैदान की रैली को महाभारत की लड़ाई बताने और कृष्ण के बारे में पूछे जाने पर तेजस्वी ने कहा कि पहले शकुनि को तो जान लीजिए।
बिहार विधान परिषद के निर्दलीय सदस्यों के बीजेपी में शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निर्दलीय निर्वाचित एमएलसी किसी राजनीतिक दल की सदस्यता नहीं ले सकते। ऐसा करने पर उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। इस संबंध में लिखित शिकायत भेजी गई है और मनोज झा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि अब देखना है कि नए सभापति पहला कदम ईमानदारी से उठाते हैं या कलंकित रूप में। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं हुआ तो विधान परिषद की नियमावली का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
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