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'BJP में शामिल होने वाले दो नवनिर्वाचित निर्दलीय एमएलसी को अयोग्य घोषित किया जाए', तेजस्वी ने संविधान का दिया हवाला

आरजेडी नेता ने कहा कि दोनों नवनिर्वाचित विधान परिषद के सदस्यों को दल-बदल विरोधी कानून का ‘‘उल्लंघन’’ करने के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर ‘‘संविधान का मजाक बनाने’’ का आरोप भी लगाया।

'BJP में शामिल होने वाले दो नवनिर्वाचित निर्दलीय एमएलसी को अयोग्य घोषित किया जाए', तेजस्वी ने संविधान का दिया हवाला
'BJP में शामिल होने वाले दो नवनिर्वाचित निर्दलीय एमएलसी को अयोग्य घोषित किया जाए', तेजस्वी ने संविधान का दिया हवाला  

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर बिहार विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) निर्वाचित होने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने की घोषणा करने वाले बंसीधर ब्रजवासी और राहुल राज को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार देर रात एक बयान जारी कर यह मांग की। इससे कुछ घंटे पहले ही ब्रजवासी और राज ने भाजपा कार्यालय के बाहर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी, जहां उन्होंने सदस्यता की पर्चियां लिए हुए तस्वीरें भी खिंचवाईं।

आरजेडी नेता ने कहा कि दोनों नवनिर्वाचित विधान परिषद के सदस्यों को दल-बदल विरोधी कानून का ‘‘उल्लंघन’’ करने के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर ‘‘संविधान का मजाक बनाने’’ का आरोप भी लगाया।

तेजस्वी यादव ने कानून का दिया हवाला 

तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘विधान परिषद के दोनों नवनिर्वाचित सदस्यों ने औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने जाने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का उनका यह कदम, भारत के संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता के प्रावधानों के दायरे में आता है।’’

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) में स्पष्ट प्रावधान है कि निर्दलीय निर्वाचित कोई भी सदस्य चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है तो उसे सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 191(2) के अनुसार दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य ठहराया गया सदस्य राज्य विधानमंडल का सदस्य बने रहने के योग्य नहीं रहता। दसवीं अनुसूची का पैरा 6(1) दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से जुड़े सवालों पर फैसला लेने का अधिकार विधान परिषद के सभापति को देता है।’’

तेजस्वी का आरोप

तेजस्वी ने कहा कि निर्दलीय निर्वाचित होने के बाद दोनों सदस्यों का भाजपा में शामिल होना स्पष्ट रूप से ‘‘दल-बदल के आधार पर अयोग्यता से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में आता है।’’

आरजेडी नेता ने आरोप लगाया, ‘‘कुछ साल पहले विपक्ष के कई विधायक पाला बदलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गए थे लेकिन संबंधित दलों की ओर से लिखित शिकायतें दिए जाने के बावजूद बीजेपी अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द नहीं की। हालिया उदाहरण साहिबगंज के विधायक राजू सिंह (बीजेपी) का है जो दिल्ली की एक अदालत द्वारा काफी पहले दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब भी विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं।’’

इस बीच, बीजेपी ने इस स्थिति से बचने की कोशिश करते हुए दावा किया कि तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए ब्रजवासी और राज ने केवल ‘‘पार्टी को समर्थन दिया है।’’

आरजेडी नेता ने आरोप लगाया, ‘‘कुछ साल पहले, विपक्ष के कई विधायक एनडीए में शामिल हो गए थे लेकिन संबंधित पार्टियों की लिखित शिकायतों के बावजूद बीजेपी नेता एवं विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द नहीं की। हालिया उदाहरण साहेबगंज के विधायक राजू सिंह (बीजेपी) का है जो दिल्ली की एक अदालत द्वारा काफी पहले दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब भी विधानसभा के सदस्य बने हुए हैं।’’

हाल में विधान परिषद की आठ सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने चार-चार सीट पर चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने दो सीट जीतीं जबकि जेडीयू केवल एक सीट जीत सकी।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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