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तेलंगानाः पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर से फोन टैपिंग मामले में एसआईटी ने पूछताछ की

यह मामला तेलंगाना में बीआरएस के शासन के दौरान नेताओं, कारोबारियों, पत्रकारों, न्यायपालिका के सदस्यों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों का व्यापक, अनधिकृत और अवैध तरीके से फोन टैप किए जाने के आरोपों से जुड़ा है।

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर से फोन टैपिंग मामले में एसआईटी ने पूछताछ की
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर से फोन टैपिंग मामले में एसआईटी ने पूछताछ की फोटोः सोशल मीडिया

तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से रविवार को बीआरएस की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कथित ‘फोन टैपिंग’ से संबंधित एक मामले के सिलसिले में तेलंगाना पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हैदराबाद में उनके आवास पर लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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पूछताछ से कुछ घंटे पहले, केसीआर हैदराबाद से लगभग 70 किलोमीटर दूर येर्रावल्ली स्थित अपने फार्महाउस से निकले और एसआईटी के सामने पेश होने के लिए नंदी नगर स्थित अपने आवास पर पहुंचे। राव के आवास के पास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और गली को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया था।

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‘केसीआर’ के नाम से चर्चित के चंद्रशेखऱ राव ने शनिवार को एसआईटी से कहा था कि वह एक फरवरी को पूछताछ के लिए पेश होंगे। उन्होंने नोटिस जारी करने में जांच अधिकारी पर ‘‘कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन’’ किए जाने का भी आरोप लगाया। बीआरएस कार्यकर्ताओं ने रविवार को कांग्रेस सरकार द्वारा उनके नेता के “राजनीतिक उत्पीड़न” के विरोध में तेलंगाना में प्रदर्शन किया।

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यह मामला पूर्ववर्ती बीआरएस शासन के दौरान नेताओं, कारोबारियों, पत्रकारों, न्यायपालिका के सदस्यों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों का व्यापक, अनधिकृत और अवैध तरीके से फोन टैप किए जाने के आरोपों से जुड़ा है। राव से हुई पूछताछ पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क ने रविवार को कहा कि कांग्रेस सरकार प्रतिशोधात्मक कार्रवाई में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अत्यंत लोकतांत्रिक शासन प्रदान करना कांग्रेस सरकार का मूल उद्देश्य है।

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इससे पहले राव “फोन टैपिंग” मामले में अपनी पूछताछ के स्थान और तारीख को लेकर जांचकर्ताओं के साथ कानूनी बहस में उलझे हुए थे। एक दिन पहले विशेष जांच दल ने 30 जनवरी को राव के येर्रावल्ली में पूछताछ के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और उन्हें एक फरवरी को उनके आवास पर उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

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