हालात

बीजेपी ने फिर किया 'किसानों' पर वार, अमेरिकी दबाव में खेती-किसानी बेच रही मोदी सरकार : अखिलेश यादव

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी ने फिर किया 'किसानों' पर वार। बीजेपी सरकार दे जवाब, क्या है दबाव।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत के कृषि बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों और खाद्यान्नों के लिए खोल देना देश की खेती-किसानी पर निर्भर 70 प्रतिशत आबादी के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी सरकार विदेशी दबाव में आकर देश की आत्मनिर्भर कृषि व्यव्स्था को कमजोर करने पर आमादा है।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बीजेपी ने फिर किया 'किसानों' पर वार। बीजेपी सरकार दे जवाब, क्या है दबाव। भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों और खाद्यान्नों के लिए खोल देना हमारे देश की खेती-किसानी पर रोजी-रोटी चलाने वाली 70 फीसद आबादी के साथ धोखा है। भाजपाई और उनके संगी-साथी आजादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट थे, आज भी हैं।''

Published: undefined

अखिलेश यादव ने लिखा, ''आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी जनता के बीच जाकर बताएं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ धोखा करने के लिए कितना कमीशन खाया है। इससे केवल किसान ही नहीं, निम्न मध्यवर्ग और मध्यम वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित होगा क्योंकि इससे खाद्यान्न और कृषि उत्पादों की मुनाफाखोरी व बिचौलियों की एक नई जमात पैदा हो जाएगी, जिसकी वजह से खाने-पीने की सब चीजें और भी महंगी हो जाएंगी। साथ ही भाजपा इन कंपनियों से चंदा वसूली भी करेगी, जिससे खाद्य व कृषि उत्पाद और भी ज्यादा महंगे हो जाएंगे।

Published: undefined

अखिलेश यादव ने कहा कि धीरे-धीरे हमारे किसानों की खेतीबाड़ी और आय कम हो जाएगी और वो मजबूर होकर अपनी जमीन अमीरों व कारपोरेट को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे। जमीनों पर कब्जा करना ही भाजपाई और उनके संगी-साथियों का आखिरी मकसद है। सीड बिल को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय खेती के लिए घातक 'सीड बिल' उसी कृषि और किसान विरोधी BJP सरकार की दिमागी उपज है, जो भूअधिग्रहण और काले-कानून लाई थी।

जो हर साल खाद की लाइन में लोगों को लगाकर उनको अपमानित करती है। ये भाजपाई पहले बीज कंपनियों से कमीशन खाएंगे फिर पेस्टीसाइड कंपनियों से, फिर महाभंडारण के लिए बनने वाले साइलो की कंपनियों से, फिर फसल बीमा कंपनियों से, फिर कम कीमत तय करते समय, फिर फसल की खरीद-फरोख्त करने वाले बिचौलियों से, भारतीय वातावरण में ऐसे सीड से खेती-किसानी पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। इसका संगठित रूप से पुरजोर विरोध होना चाहिए।

Published: undefined

एमआरपी और छुट्टा मवेशियों से परेशान किसान अब BJP सरकार की ज्यादतियों को और नहीं सहेगा। ये भाजपाई खेती-किसानी को बर्बाद करने के लिए सब कुछ करेंगे क्योंकि ये वो लोग हैं जो जमीन के उत्खनन से लेकर खनन व उसकी पैदावार, सब पर गिद्ध निगाह रखते हैं और साल-दर-साल किसी न किसी रूप में किसानों पर वार करते हैं। भाजपा किसान विरोधी थी, है और रहेगी। बीजेपी हटाओ और खेत, किसानी, किसान बचाओ।

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined