
कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे (चिरियनकांडथ जोसेफ) रॉय ने शुक्रवार दोपहर करीब 3:15 बजे सेंट्रल बेंगलुरु के रिचमंड सर्कल स्थित कंपनी कार्यालय में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय मौके पर कोई आयकर अधिकारी मौजूद नहीं था।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से केरल आयकर विभाग की टीम रॉय के दफ्तर में तलाशी और पूछताछ कर रही थी। आत्महत्या की खबर मिलते ही आयकर अधिकारियों ने कार्रवाई बीच में ही रोक दी। बेंगलुरु पुलिस ने कहा है कि जांच के तहत IT विभाग से सभी जरूरी जानकारियां ली जाएंगी। ऑफिस परिसर से सबूत जुटाए जा रहे हैं और रिकॉर्ड व बयानों की जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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करीब 9,000 करोड़ रुपये की नेटवर्थ वाले रॉय के पास निजी जेट और 200 से अधिक लग्जरी कारें थीं, जिनमें 12 रोल्स रॉयस शामिल हैं। केरल मूल के रॉय का कारोबार कर्नाटक और दुबई तक फैला था। कॉन्फिडेंट ग्रुप केरल और कर्नाटक में रियल एस्टेट का बड़ा नाम है।
घटना के बाद रॉय की पत्नी लिनी रॉय और बेटा रोहित शनिवार को बेंगलुरु के बॉवरिंग अस्पताल स्थित पोस्टमॉर्टम सेंटर पहुंचे। पुलिस यह तय कर रही है कि मामले को अप्राकृतिक मौत के तौर पर दर्ज किया जाए या आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धाराएं लगाई जाएं। पुलिस कमिश्नर ने पुष्टि की है कि कॉन्फिडेंट ग्रुप के एक डायरेक्टर ने शिकायत दर्ज करा दी है।
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कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मामले की हाई-लेवल जांच कराने की बात कही है। उधर, रॉय के बड़े भाई ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि रॉय पर कोई कर्ज नहीं था और आयकर अधिकारियों को जवाब देना होगा कि ऐसा क्या हुआ जिससे उनके भाई को आत्महत्या करनी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक, केरल की आयकर टीम पहली बार 3 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु आई थी और कुछ दिन यहां रुकी थी। इसके बाद 28 जनवरी को दोबारा कार्रवाई शुरू हुई, जिसके लिए सीजे रॉय को दुबई से बुलाया गया था। पिछले तीन दिनों से उनसे रोज पूछताछ हो रही थी।
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सीजे रॉय के परिवार में पत्नी के अलावा बेटा रोहित और बेटी रिया हैं। रॉय अपनी लग्जरी कारों के शौक के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने बताया था कि 13 साल की उम्र में एक कार शोरूम से अपमानित होकर लौटने के बाद उन्होंने दुनिया की सबसे महंगी कारें खरीदने का सपना देखा था। 36 साल की उम्र में उन्होंने बिना किसी बैंक लोन के पहला प्राइवेट जेट खरीदा।
1994 में रॉय ने 1.10 लाख रुपये में मारुति 800 खरीदी थी, जिसे 1997 में बेच दिया। 2025 में उन्होंने उसी कार को दोबारा ढूंढने वाले के लिए 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। दोस्तों की मदद से कार मिलने पर उन्होंने उसे फिर खरीद लिया। उनके कलेक्शन में बुगाटी वेरॉन, फेरारी, कोएनिगसेग अगेरा, मैकलारेन और लैम्बोर्गिनी जैसी सुपरकारें भी शामिल हैं। रॉय अक्सर कहते थे “कारें शौक हैं, असली दौलत जमीन होती है।”
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