
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा है कि उनका लक्ष्य ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करना और 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में गठबंधन की सरकार बनाना है।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की 52 वर्षीय अध्यक्ष मोना ने न्यूज एजेंसी 'पीटीआई-भाषा' के साथ खास बातचीत में कहा, ''मेरा एक प्रमुख लक्ष्य ‘इंडिया’ गठबंधन को मजबूत करते हुए 2027 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना है।''
यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश में ‘इंडिया’ गठबंधन में समाजवादी पार्टी (सपा) की मुख्य भूमिका है और सरकार बनने पर क्या कांग्रेस उसमें शामिल होगी, उन्होंने कहा, ''गठबंधन की सरकार बनेगी और उसमें सभी सहयोगी दल शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख कांग्रेसी परिवार की चौथी पीढ़ी से आने वाली मोना का परिवार हमेशा पार्टी की विचारधारा से जुड़ा रहा है। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम सभा सदस्य के रूप में हुई। इसके बाद कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही 1999 में वह संग्रामगढ़ सहकारी संघ की अध्यक्ष बन गईं। फिर वह क्षेत्र पंचायत सदस्य और तीन बार ब्लॉक प्रमुख रहीं।
वह 2014 के उपचुनाव में प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास सीट से पहली बार कांग्रेस की विधायक चुनी गईं। इसके बाद 2017 और 2022 में भी विधानसभा पहुंचीं। कांग्रेस ने उन्हें दो बार कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता भी बनाया।
इससे पहले रामपुर खास सीट से उनके पिता प्रमोद तिवारी 1980 से 2014 तक लगातार नौ बार विधायक रहे। प्रदेश सरकार में मंत्री और कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रह चुके प्रमोद तिवारी वर्तमान में राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता हैं। प्रमोद तिवारी के पिता और दादा भी कांग्रेस में सक्रिय रहे।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर संभावित खींचतान के सवाल पर मोना ने कहा, ''कतई कोई खींचतान नहीं है। इसमें कहीं कोई अंतर नहीं है और बहुत जल्द दोनों दलों का नेतृत्व आपस में स्थिति साफ कर देगा।''
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में सपा ने 37 और कांग्रेस ने छह सीटें जीती थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सीटें 2019 के 62 के मुकाबले घटकर 33 रह गई थीं।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को गठबंधन के तहत 17 सीटें मिली थीं। इसी आधार पर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की दावेदारी सिर्फ 85 सीटों पर होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ''ऐसा नहीं है कि उन सीटों के अलावा कांग्रेस कहीं और नहीं है। कांग्रेस का जनाधार बढ़ा है। सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तैयार करना नेतृत्व का काम है। हमें अपनी वास्तविक स्थिति से नेतृत्व को अवगत कराना है। 2024 में जहां कांग्रेस लड़ी, वहां कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के साथियों ने पूरी ईमानदारी से मेहनत की और आज भी गठबंधन ईमानदारी से लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।''
कांग्रेस को 2024 से पहले के चुनावों में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने और पार्टी की जमीनी स्थिति से जुड़े सवाल पर मोना ने कहा, ''2019 में प्रियंका गांधी के उत्तर प्रदेश में व्यापक दौरे के बाद संगठन पर बड़े स्तर पर काम हुआ। 2022 के विधानसभा चुनाव में भले अच्छे परिणाम नहीं आए, लेकिन जमीनी स्तर पर सुस्ती टूटी, लोग घरों से निकले और उसका परिणाम 2024 के लोकसभा चुनाव में दिखा।''
उन्होंने कहा, ''2024 के चुनाव में इसी उत्तर प्रदेश में मोदी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) का अहंकार टूटा, विजय रथ रुका और आज उनकी सरकार दूसरे दलों के समर्थन पर टिकी है। आज केंद्र सरकार नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन के सहारे है और उसकी सबसे बड़ी वजह उत्तर प्रदेश है। यहां गठबंधन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके 400 पार के नारे को रोका।''
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी 2024 से बेहतर प्रदर्शन 2027 में और 2027 से बेहतर प्रदर्शन 2029 में करेगी।
आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हराने के लक्ष्य से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ''यह तो समय बताएगा, राजनीति में कोई चीज स्थायी नहीं होती और केवल विचारधारा स्थायी होती है।''
उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाद्रा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ''प्रियंका गांधी इस प्रदेश की बेटी हैं, अमेठी-रायबरेली उनका घर है। वह देश की राजनीति में बहुत बड़ी शख्सियत हैं। कोई पद उनके लिए छोटा-बड़ा नहीं है, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा।''
भाजपा पर अपने वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ''भाजपा ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की बात की, लेकिन लागू नहीं किया। कांग्रेस ने इसे लागू करने की कई बार मांग की। इसी उत्तर प्रदेश में 2022 में प्रियंका गांधी जी आईं तो कांग्रेस ने 40 प्रतिशत महिलाओं को टिकट दिया।''
उत्तर प्रदेश में 1989 के बाद कांग्रेस ने पांच ब्राह्मण नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनाया, जिनमें तीन महिलाएं थीं। इसके बावजूद पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं होने और उसके पारंपरिक ब्राह्मण मतदाताओं के भाजपा की ओर जाने के सवाल पर मोना ने कहा, ''देश में क्षेत्रीय राजनीति, जाति-बिरादरी और समुदाय की राजनीति बढ़ी और भाजपा ने इसे बढ़ावा दिया। इससे पूरे राजनीतिक माहौल में बदलाव आया, लेकिन अब लोग भाजपा के कामों से अवगत हो गए हैं। अब भाजपा किसी को गुमराह नहीं कर पाएगी।''
टिकटों के बंटवारे को लेकर सपा के साथ टकराव की आशंका के सवाल पर उन्होंने कहा, ''इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश के लिए नहीं, पूरे देश के हित को देखकर बना है। गठबंधन की राजनीति में कभी आपको और कभी सहयोगी दल को समझौता करना पड़ता है। दोनों दलों का नेतृत्व सकारात्मक बात करता है और इसमें कहीं कोई रुकावट नहीं है।''
मोना के कार्यभार संभालने के दिन कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस पार्षद ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हुए हंगामे पर उन्होंने कहा, ''जब से नई टीम बनी है, तब से उसने एक लक्ष्य को सामने रखकर काम शुरू किया है। उस घटना का इस लक्ष्य से कोई लेना-देना नहीं है।''
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने एक समिति बनाई है। समिति की रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम को सौंपी जाएगी। हालांकि, उन्होंने इस बारे में इससे ज्यादा कुछ कहने से परहेज किया।
पार्टी की नई प्रदेश समिति के गठन पर उन्होंने कहा, ''यह बहुत जल्द बनेगी। उत्तर प्रदेश कोई छोटा-मोटा राज्य नहीं है, बहुत विविध है। मेरा उद्देश्य सबको साथ लेकर चलना और सबका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।''
पार्टी के मुख्य चुनावी मुद्दों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश में युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार है। परीक्षा के पेपर लीक होने और भर्तियां नहीं होने से युवा नाराज हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर लोगों का भरोसा कम होना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार में नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय मतपत्रों से कराए जाने चाहिए।
मोना ने कहा, बीजेपी ने पूरे देश में असुरक्षा की भावना भर दी है। आज कोई एक समुदाय नहीं, हर व्यक्ति असुरक्षित महसूस कर रहा है। ‘जेन-जी’ सड़क पर क्यों है, इसलिए कि वह असुरक्षित महसूस कर रहा है। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग ने सार्वजनिक क्षेत्र को समाप्त कर दिया है।
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