
सरकार और किसानों के बीच वार्ता शुरू होने से पहले पांजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने बड़ा ऐलान कर दिया है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के महासचिव ने कहा, “कल देर रात सरकार से चिट्ठी आई, जिसमें पंजाब के 32 किसान संगठनों को बातचीत का न्योता दिया गया। देश के सभी संगठनों को बुलावा नहीं भेजा गया। यह देश के किसानों में फूट डालने वाली बात है। हमने बैठक में नहीं जाने का फैसला किया है। बातचीत से पहले प्रधानमंत्री जी ने फैसला सुना दिया है कि हमारे कृषि कानून बहुत बढ़िया हैं तो इस तरह के माहौल में बातचीत का अंदाजा हमें लग गया है।”
पंजाब किसान संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सुखविंदर सब्रन ने कहा है कि देश में किसानों के 500 से ज्यादा समूह हैं, लेकिन सरकार ने सिर्फ 32 समूहों को बातचीत के लिए न्योता दिया है। बाकी को सरकार द्वारा नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि हम तब तक बातचीत नहीं करेंगे, जब तक सभी समूहों को नहीं बुलाया जाता।
गौरतलब है कि आज दोपहर 3 बजे किसानों और सरकार के बीच वार्ता होनी है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 6 दिनों से किसान सड़कों पर हैं और लगातार सरकार से आधिकारिक वार्ता की मांग कर रहे थे। दिल्ली से लगी सभी सीमाओं को किसानों ने घेर रखा है। किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
इससे पहले सरकार की शर्त थी कि किसान बुराड़ी ग्राउंड में जाएं, फिर बात होगी लेकिन किसानों सरकार की शर्त को मानने से इनकार कर दिया था। किसानों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार उनसे बात कर उनकी मांगों का हल नहीं निकालती तो वह दिल्ली के सभी रास्तों को जा कर देंगे। किसानों की चेतावनी के बाद अब सरकार ने उन्हें बिना शर्त बातचीत के लिए बुलाया है।
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Published: 01 Dec 2020, 10:09 AM IST