समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा गुरुवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश बजट को 'बड़ा ढोल' करार देते हुए कहा कि इसमें आवाज तो बहुत है मगर यह अंदर से खाली है। उन्होंने कहा कि जनता पूछ रही है कि प्रवचन तो आ गया लेकिन बजट कब आएगा?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए बजट को समाज के तमाम वर्गों के लिए निराशाजनक करार देते हुए कहा, ''यह बजट नहीं बड़ा ढोल है, जिसमें आवाज तो बहुत है मगर यह अंदर से खाली है। यह खोखला है। इस बजट का झोला खाली है। जनता को लग रहा है कि बजट आया ही नहीं है। वह पूछ रही है कि प्रवचन तो आ गया लेकिन बजट कब आएगा?''
Published: undefined
अखिलेश यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''बजट देखकर किसानों की उम्मीदों का खेत सूख गया है। बजट देखकर महिलाओं के माथे पर घर चलाने की चिंता की लकीरें और बढ़ गई हैं। बजट देखकर बेरोजगारों की आंखों के सामने अंधेरा छा गया है, व्यापारियों और दुकानदारों पर मंदी की मार और गहरा गई है।''
सपा प्रमुख ने बीजेपी विधायकों और मंत्रियों पर तंज करते हुए कहा, ''जो वहां (विधानसभा सदन में) मेजें पीट रहे थे, बजट देखकर बीजेपी के उन मंत्रियों और विधायकों के गले सूख गए हैं क्योंकि अपने विभागों और विधानसभा क्षेत्रों में तो उन्हें ही महंगाई और बेरोजगारी के सवालों का सामना करना पड़ेगा। उन्हें गुस्से का भी सामना करना पड़ेगा क्योंकि अंततोगत्वा विधायकों और मंत्रियों को ही जनता का सामना करना पड़ता है। वह महंगाई का और बेरोजगारी का क्या जवाब देंगे?''
Published: undefined
उन्होंने कहा, ''बजट देखकर बुनकरों का ताना-बाना रुक गया है और हथकरघे खामोश हो गए हैं। बजट देखकर जनता पूछ रही है कि जुमला मंत्रालय के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है।'' अखिलेश यादव ने किसी का नाम लिये बगैर कटाक्ष किया, ''हालांकि अंग्रेजी की एक कहावत है कि साइलेंस इज गोल्ड। जब हम संस्कृत में उससे मिलती-जुलती उक्ति बोलें तो उसका मतलब है कि विद्वानों की सभा में मूर्ख के लिए मौन ही आभूषण होता है...।''
उन्होंने कहा, ''इस सरकार के पिछले कई बजट को अगर देखें तो यह जो बजट है उसका इनके (बीजेपी के) घोषणा पत्र से कोई तालमेल नहीं है। इस बजट का, और इससे पहले के बजट का भी कोई फोकस नहीं रहा। बिना विजन के बजट पेश किए गए हैं। सरकार का कोई रोड मैप तैयार नहीं था कि किस दिशा में उत्तर प्रदेश को ले जाना है और पिछले तमाम बजट में कोई स्पष्टता नहीं है।''
Published: undefined
अखिलेश यादव ने कहा, ''हर बार बजट पेश किया जाता है और सरकार यही कहती है कि यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट है। यह टर्म हर सरकार हर बजट के लिए इस्तेमाल कर सकती है क्योंकि अगला जो भी बजट होगा वह जाहिर है कि पिछले बजट से बड़ा ही होगा। यह कहना कि सबसे बड़ा बजट पेश हो रहा है यह सोचने की बात है।
बता दें कि प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 8,08,736 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सरकार की ओर से इसे उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। इसका आकार वर्ष 2024-2025 के बजट से 9.8 प्रतिशत अधिक है। प्रस्तावित बजट में 28 हजार 478 करोड़ 34 लाख रुपये (28,478.34 करोड़) की नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined