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भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दियाः अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की हार मतलब बदलाव की शुरुआत है। बीजेपी की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब बीजेपी का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेने वाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा।

भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दियाः अखिलेश यादव
भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दियाः अखिलेश यादव फोटोः IANS

बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा के उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अखिलेश यादव ने इशारों उस घटना का जिक्र किया, जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी में थे और उनके रोड शो के दौरान हनुमान के गेटअप में एक शख्स नाचता दिखाई दिया था।

भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया

बांकीपुर और दतिया चुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर विपक्षी खेमों की ओर से लगातार पोस्ट किए गए। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझने वालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुखार भी उतार दिया।

बीजेपी ने जनता के विश्वास और आस्था को ठगा

अखिलेश यादव ने आगे कहा, "ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि ‘वोट चोरी’, ‘पेपर चोरी’, ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’, ⁠’नौकरी चोरी’, ⁠’आरक्षण चोरी’, ⁠‘कमीशनखोरी’, ⁠’पीडीए पर अत्याचार’, ⁠’घोर भ्रष्टाचार’, ⁠‘महंगाई की मार’, ⁠’मिलावट के सरकारीकरण’, ⁠‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’ ⁠और ’देश के जेनजी पर हर तरह से प्रहार’, बीजेपी ने इन सभी तरीकों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है। अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफा मांगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधानसभा हार गए, उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी।

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उनकी हार जिन्होंने उनको संगठन पर थोपा था

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि ये हार उनकी है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्जी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘बीजेपी में इस्तीफे नहीं होते हैं।’ सबसे ज्यादा खुश तो यूपी में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं, ‘5 बड़ा या 7’।"

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बीजेपी की हार मतलब बदलाव की शुरुआत

एसपी प्रमुख ने कहा, "वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नहीं जिता पाए तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे। ये डबल इंजन की डबल हार है। बीजेपी की हार मतलब बदलाव की शुरुआत है। बीजेपी की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब बीजेपी का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेने वाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा। सभी विजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई।"

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