
टीएमसी ने आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक और उम्मीदवार हुमायूं कबीर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
यह शिकायत पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि हुमायूं कबीर ने बीएनएस, 2023 के तहत दंडनीय अपराध किए हैं और साथ ही आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
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शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हुमायूं कबीर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाषण देते नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बेलडांगा-II ब्लॉक के रहने वाले मैनुल हक राणा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि कबीर ने अभिषेक बनर्जी, उनके पीए सुमित रॉय और पार्टी से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी अपमानजनक, भ्रामक और मानहानिकारक बयान दिए।
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शिकायत में कहा गया है कि इस वीडियो से स्पष्ट होता है कि हुमायूं कबीर ने टीएमसी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने-धमकाने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने चुनावी माहौल को प्रभावित करने के इरादे से इस तरह के बयान दिए ताकि मतदाताओं की सोच पर असर डाला जा सके। यहां तक कि उन्होंने हत्या करने और शव को दफनाने जैसी धमकियां भी दीं।
टीएमसी ने कहा कि यह कृत्य आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। आचार संहिता के अनुसार, कोई भी उम्मीदवार या पार्टी किसी व्यक्ति के निजी जीवन पर हमला नहीं कर सकता और न ही अपमानजनक या अनैतिक बयान दे सकता है। साथ ही, बिना सत्यापन के आरोप लगाना और अन्य दलों के नेताओं की निजी जिंदगी पर टिप्पणी करना भी प्रतिबंधित है।
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शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं का उल्लंघन करता है। इसमें धारा 356 (मानहानि), धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 174 (चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव या प्रतिरूपण) शामिल हैं।
टीएमसी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि हुमायूं कबीर को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराई जाए और इस मामले में सख्त व उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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