
कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा बजट को निराशाजनक बताते हुए आम आदमी के लिए सिर्फ आंकड़ों की बाजीगिरी करार दिया है। कुमारी शैलजा ने बुधवार को बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें देश के आम आदमी के लिए कोई भी प्रावधान नहीं किए गए। महंगाई, बेरोजगारी, किसान की आमदनी बढ़ाने का कोई जिक्र तक नहीं किया गया। इसमें देश के आम आदमी को कोई भी खुशखबरी देने की बजाए वित्त मंत्री ने रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की सरकार की तैयारी का ऐलान जरूर कर दिया।
कुमारी शैलजा ने कहा कि 9 साल तक नौकरीपेशा लोगों की सुध न लेने वाली मोदी सरकार को अपने शासन के आखिरी साल में उनकी आधी अधूरी याद आई। इनके लिए कम से कम 10 लाख रुपये तक की आमदनी को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके इनकी पीड़ा को बरकरार रखा है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को केंद्रीय बजट को निराशाजनक और आम आदमी की उम्मीदों के विपरीत बताया। सीएम ने कहा कि इच्छित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बजट महज एक कपटी चाल है। इस बजट में समाज के किसी भी वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। सीएम सुक्खू ने कहा कि बजट में महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने के तरीकों के बारे में बात नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग 2014 में भाजपा द्वारा लुभाए गए 'अच्छे दिनों' का इंतजार कर रहे थे। केंद्र सरकार ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा करने का एकमात्र अवसर खो दिया है।
बजट पर प्रेस से बात करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट के चार जोर बिंदु हैं, महिलाओं को सशक्त बनाने, पर्यटन के लिए कार्य योजना, विश्वकर्मा (कारीगरों) के लिए पहल और हरित विकास पर जोर है।
उन्होंने कहा कि बजट में महिला सशक्तिकरण,पर्यटन पर जोर दिया गया। हम फिनटेक, औद्योगीकरण,डिजिटल अर्थव्यवस्था को भारत की डिजिटल शक्ति के रूप में देख रहे हैं।कृषि ऋण में काफी वृद्धि हुई है, व्यक्तिगत आय कर सुनिश्चित करना जिसमें बदलाव देखा गया है और यह लंबे समय बाद हुआ है।
वित्त मंत्री ने कहा कि नए टैक्स स्लैब से अधिक प्रोत्साहन और आकर्षण मिला है ताकि लोग बिना किसी हिचकिचाहट के पुराने से नए की ओर जा सकें। हम किसी को बाध्य नहीं कर रहे हैं। लेकिन नया अब आकर्षक है, क्योंकि यह अधिक छूट देता है।
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि बहुत बेहतरीन बजट पेश किया गया है और इसके बहुत मायने हैं। टैक्स में जो राहत दी गई है उसका बहुत बड़ा फायदा होगा। टैक्स में राहत का मतलब है कि ज्यादा खरीदी होगा जिससे मांग बढ़ेगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा।
केंद्रीय बजट 2023 पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा 3 से 4 राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया गया है। बजट में गरीब लोगों के लिए और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कुछ भी नहीं है। नौकरियों के लिए कोई कदम नहीं, सरकारी रिक्तियों और मनरेगा को भरने के लिए।
खड़गे ने कहा कि उन्होंने (BJP) पहले कहा था कि प्रति वर्ष वे 2 करोड़ नौकरियां देंगे। सरकारी भर्तियों को भरने के लिए भी कुछ भी नहीं हुआ। गरीब, बेरोजगार के लिए इस बजट में कुछ नहीं है।
केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि ये बजट बहुत दुरगामी और सकारात्मक परिणाम देने वाला है। ये 1 साल का बजट नहीं है। हम 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र होंगे जिसकी बुनियाद आज के बजट में रखी गई है। समाज का ऐसा कोई तबका नहीं है जिसको लाभांवित ना किया गया हो।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री के संकल्प और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को पूरा करने वाला बजट है। एक गौरवशाली और वैभवशाली भारत के निर्माण का बजट है। इस बजट में समाज के हर वर्ग का और हर राज्य का कल्याण निहित है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह देश की जनता के साथ विश्व की उम्मीदों को भी पूरा करने वाला बजट है। ये गरीबों का बजट है, नए भारत का संकल्प इस बजट में दिखाई देता है। भारत की अर्थव्यवस्था आज 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बनी है।
उन्होंने कहा कि इस बजट में मध्यम वर्ग, जनजातीय वर्ग, रोजगार सृजन आदि की चिंता की गई है। यह बजट भारत के गरीब लोगों को समर्पित है। ये सबका साथ, सबका प्रयास, सबका विश्वास, सबको साथ लेकर चलने वाला बजट है।
बजट पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जिस तरह से मध्यम वर्ग की प्रतिक्रिया आ रही है उससे पता चल रहा है कि उनमें कितना उत्साह है। वर्षों से मध्यम वर्ग का जो लंबित विषय था उसे लेकर मध्यम वर्ग प्रधानमंत्री का धन्यवाद कर रहा है।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पिछले साल के बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनरेगा और अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए आवंटन के लिए सराहना की गई थी। आज हकीकत सामने है। वास्तविक व्यय बजट की तुलना में काफी कम है। यह हेडलाइन प्रबंधन की मोदी की OPUD रणनीति है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह बजट देश की वास्तविक भावना को संबोधित नहीं कर रहा है जो कि महंगाई और बेरोजगारी है। इसमें केवल फैंसी घोषणाएं थीं जो पहले भी की गई थीं लेकिन कार्यान्वयन के बारे में क्या? पीएम किसान योजना से सिर्फ बीमा कंपनियों को फायदा हुआ किसानों को नहीं।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अमृत काल का पहला बजट विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव रखेगा। यह बजट गरीब लोगों, मध्यम वर्ग के लोगों, किसानों सहित आकांक्षी समाज के सपनों को पूरा करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि ये बजट, सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास की धुरी बनाएगा। सरकार ने को-ऑपरेटिव सेक्टर में दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना बनाई है। बजट में नए प्राइमरी को-ऑपरेटिव्स बनाने की एक महत्वकांक्षी योजना का भी ऐलान हुआ है।
उन्होंने कहा, "वर्ष 2014 की तुलना में इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर 400 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 लाख करोड़ रुपये का अभूतपूर्व निवेश होगा। यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार और एक बड़ी आबादी के लिए आय के नए अवसर पैदा करेगा।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “आज जब मिलेट्स पूरे विश्व में लोकप्रिय हो रहा है तो उसका सर्वाधिक लाभ भारत के छोटे किसानों के नसीब में है। अब इस सुपर फूड को श्री अन्न के नाम से एक नई पहचान दी गई है। श्री अन्न से हमारे छोटे किसानों और किसानी करने वाले आदिवासी भाई-बहनों को आर्थिक सबल मिलेगा।”
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह बजट वही है जो पिछले 8-9 साल से आ रहा था। टैक्स बढ़ाए गए, कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी पर पैसा खर्च नहीं किया जा रहा है। कुछ सांठगांठ वाले पूंजीपतियों और बड़े कारोबारियों के लिए टैक्स वसूला जा रहा है। जनता को टैक्स से फायदा होना चाहिए, लेकिन इससे उसकी कमर टूट रही है।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यह चुनावी बजट है, किसानों के लिए कुछ नहीं है। किसानों की एमएसपी की बात नहीं की है। रेलवे को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है। आधी से ज्यादा आबादी गांव में बसती है लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया है। ये बहुत ही निराशाजनक बजट है।
कांग्रेस सांसद के सुरेश कहा कि बजट 2023 कॉर्पोरेट समर्थक बजट है। इस बजट में अडानी के सारे हित पूरे हैं, लेकिन आम आदमी की उपेक्षा की गई है. यह बजट अडानी, अंबानी, गुजरात के लिए है।
बजट पर आरजेसी सांसद मनोज झा ने कहा कि मैंने वित्त मंत्री को कई बार कहा है कि जब भी बजट बनाएं तो अनुच्छेद 39 को देख लें। संविधान से आंखें मूंद कर स्तुति गान वाला बजट बनाते हैं तो कुछ हासिल नहीं होगा। रोजगार के लिए आपने गोल-गोल बातें की। ये बजट खास लोगों का खास लोगों द्वारा खास तरह से बनाया बजट है।
JDU सांसद राजीव रंजन ने कहा कि बजट 2023 में कुछ भी नहीं है। यह 'सपनों का सौदागर' जैसा है - जब आप सपने के बाद जागते हैं तो कुछ भी सच नहीं होता है। इसके अलावा, महंगाई और बेरोजगारी को कैसे नियंत्रित किया जाए, इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगई बोले मंहगाई, बेरोजगारी का कोई समाधान नहीं। गरीब को सिर्फ शब्द और लफ्फाजी मिली। बजट का फायदा बड़े उद्योगपतियों को ही होता है। महंगाई को देखते हुए 7 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मध्यम वर्ग के लिए समुद्र में बूंद की तरह है।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मैं कम कर व्यवस्था में विश्वास करता हूं। इसलिए, किसी भी कर कटौती का स्वागत है क्योंकि लोगों के हाथों में अधिक पैसा देना अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का सबसे अच्छा तरीका है।
बजट पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि पिछले बजट को आधार लेकर आगे बढ़ने की कोशिश की गई है। इसके अंदर अगले 25 सालों के लिए भारत कैसे आगे बढ़े उसकी नींव रखी गई है।
बजट पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने मुझे लगता है, अमृतकाल में ये हमारा रोडमैप है, हम दुनिया में अपनी अर्थव्यवस्था को 10वें से 5वें स्थान पर ले आए इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता।
बजट पर बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि मैं कर्नाटक के ऊपरी भादरा क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजना की घोषणा के लिए पीएम मोदी और एफएम सीतारमण को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह परियोजना राज्य के लिए गेम चेंजर साबित होगी।
बजट पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रपति के अभिभाषण और आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की पुनरावृत्ति है। टैक्स में किसी भी तरह की कटौती का स्वागत है। लोगों के हाथ में पैसा देना अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का सबसे अच्छा तरीका है।
बजट पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग को मदद दी गई है, सबको कुछ न कुछ दिया गया है। डेढ़ घंटे तक हमने बजट सुना अब हम इसपर बात करेंगे जब मौका आएगा।
बजट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बजट में कुछ चीजें अच्छी थी मैं इसे पूरी तरह नकारात्मक नहीं कहूंगा, लेकिन अभी भी कई सवाल उठते हैं। बजट में मनरेगा का कोई जिक्र नहीं था। सरकार मजदूरों के लिए क्या करने जा रही है? बेरोजगारी, महंगाई की बात भी नहीं की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट कृषि क्षेत्र के लिए कई ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि से जुड़े स्टार्ट अप्स को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड बनाया जाएगा।
3 लाख तक कमाने वालों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
3 से 6 लाख तक कमाने वालों पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा।
6 से 9 लाख तक कमाने वालों पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा।
9 से 11 लाख तक कमाने वालों पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा।
12 से 15 लाख तक कमाने वालों पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा।
20 लाख से ऊपर कमाने वालों पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा।
सिगरेट पर आकस्मिकता शुल्क को 16 फीसदी बढ़ाया गया, सिगरेट महंगी होगी।
विदेश से आने वाली चांदी से बनी चीजें महंगी होगीं।
खिलौने, साइकिल, एलईडी टीवी और बायो गैस से बनी चीजें सस्ती होंगी।
महिला सम्मान बचत पत्र योजना शुरू होगी। इसमें महिलाओं को 2 लाख की बचत पर 7.5% का ब्याज मिलेगा।
वरिष्ठ नागरिक खाता स्कीम की सीमा 4.5 लाख से 9 लाख की जाएगी।
3 वर्षों में 47 लाख युवाओं को सहायता प्रदान करने के लिए, एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षुता योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण शुरू किया जाएगा।
MSMEs के लिए क्रेडिट गारंटी - कॉरपस में 9000 करोड़ रुपये डाले गए हैं जो 2 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त संपार्श्विक-मुक्त क्रेडिट की अनुमति देगा।
संशोधित राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 6.4 फीसदी है।
वित्तीय वर्ष-2024 राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 5.9 फीसदी है।
अगले 3 सालों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए मदद की जाएगी। 10,000 बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर खोले जाएंगे।
वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए पीएम प्रणाम योजना की शुरूआत की जाएगी।
गोबरधन स्कीम के तहत 500 नए संयंत्रों की स्थापना की जाएगी।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.O की शुरूआत की जाएगी।
युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय अवसरों के लिए कौशल प्रदान करने के लिए 30 स्किल इंडिया नेशनल सेक्टर खोले जाएंगे।
न्याय के कुशल प्रशासन के लिए, ईकोर्ट की परियोजना के चरण 3 को 7000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लॉन्च किया जाएगा।
पहचान पत्र के तौर पर PAN को मान्यता दी गई।
अब नगर निगम अपना बॉन्ड ला सकेंगे।
क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार के लिए 50 अतिरिक्त हवाई अड्डे, हेलीपॉड, वाटर एयरो ड्रोन, उन्नत लैंडिंग ग्राउंड को पुनर्जीवित किया जाएगा
ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में 35 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20,700 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा
चुनावी राज्य कर्नाटक को 5300 करोड़ का फंड मिलेगा जो ऊपरी भद्र सिंचाई परियोजना के लिए होगा।
बजट में रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है।
पीएम आवास योजना के परिव्यय को 66 फीसदी बढ़ाकर 79,000 करोड़ किया गया।
जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए PMPBTG विकास मिशन शुरू किया जाएगा, अगले 3 साल में योजना को लागू करने के लिए 15,000 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे
मैनहोल से मशीन होल मोड में संक्रमण के लिए सभी शहरों और कस्बों को सेप्टिक टैंक और सीवर की 100% यांत्रिक सफाई के लिए सक्षम किया जाएगा।
पूंजी निवेश परिव्यय 33 फीसदी बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये किया जा रहा है, जो कि सकल घरेलू उत्पाद का 3.3 फीसदी होगा।
बच्चों और किशोरों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देते हुए कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।
भारत को अन्न का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए हैदराबाद के केंद्र को जिसे श्री अन्न केंद्र भी कह सकते हैं, इसे उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जाएगा।
कृषि में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा, स्टार्टअप के लिए कृषि निधि बनाई जाएगी। एग्रीकल्चर एक्सेलेरेटर फंड बनाया जाएगा।
बागवानी योजनाओं के लिए 2200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ सहस्थान में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
अगले 3 वर्षों में केंद्र 3.5 लाख आदिवासी छात्रों की सेवा करने वाले 740 स्कूलों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती करेगा।
देश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि से जुड़े स्टार्ट अप को प्राथमिकता दी जाएगी। युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि त्वरक कोष की स्थापना की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023-24 का बजट पेश करते हुए कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड पर काम किया जाएगा।
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण शुरू हो गया है। वह देश का आम बजट पेश कर रही है। बजट से देश की जनता को काफी उम्मीदें हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हमने सुनिश्चित किया कि 28 महीनों के लिए 80 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति करने की योजना के साथ कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस समय में भारत की G20 अध्यक्षता हमें विश्व आर्थिक व्यवस्था में भारत की भूमिका को मजबूत करने का एक अनूठा अवसर देती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष के लिए हमारी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान है, यह विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है। भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि 2014 से सरकार के प्रयासों ने सभी नागरिकों के जीवन की बेहतर गुणवत्ता और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित किया है। प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 1.97 लाख रुपये हो गई है। इन 9 वर्षों में, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बढ़ी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बजट देखने के बाद हम अपनी प्रतिक्रिया देंगे। बिना बजट देखे अंदाजे पर बोलना गलत होगा। बजट रिपोर्ट देखने के बाद, बजट कैसा होना चाहिए था और कैसा है इसपर बात करेंगे। राष्ट्रपति के अभिभाषण में तो कुछ नहीं दिखा अब बजट में उनका जलवा देखेंगे।
केंद्रीय बजट 2023 पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह सबसे अच्छा बजट होगा। यह गरीब समर्थक, मध्यम वर्ग समर्थक बजट होगा।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बजट को मंजूरी मिल गई है। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण थोड़ी देर में सदन में पहुंचेंगी और आम बजट पेश करेंगी।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पीएम मोदी की अध्यक्षता में शुरू हो गई है। इस बैठक में बजट पर मुहर लगेगी। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद पहुंचे। थोड़ी देर में यहां केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होने वाली है। इसके बाद, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में देश का बजट पेश करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद पहुंच गई हैं। सुबह 10 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी, जिसके बाद वित्त मंत्री सुबह 11 बजे संसद में देश का बजट पेश करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने के लिए संसद पहुंच गई हैं। वह सुबह 11 बजे बजट 2023-24 पेश करेंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किशनराव कराड, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय बजट 2023-24 पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुकी हैं। अब सुबह 10 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। बैठक में बजट पर मुहर लगेगी। इसके बाद बाद सुबह 11 बजे संसद में निर्मला सीतारमण का बजट भाषण शुरू होगा।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि समाज के सभी तबकों के उम्मीदों वाला बजट होने वाला है। ये बजट सब की उम्मीद पर खरा उतरेगा।
केंद्र सरकार इस बार आम बजट में कम से कम 35 सामानों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके चलते अगले वित्त वर्ष यह सामान महंगे हो सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का मकसद देश में इन वस्तुओं का इम्पोर्ट घटाना और देश में इनके उत्पादन को बढ़ावा देना है। जिन वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, उनमें प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर, कई महंगे इलेक्ट्रॉ निक आइटम्स, प्लास्टिक गुड्स, ज्वैलरी, हाई-ग्लॉस पेपर और विटामिन्स आदि शामिल हैं।
केंद्रीय बजट में रेल बजट भी शामिल है। ऐसे में आम जनता को उम्मीद है कि रेलवे किराया न बढ़ाए। साथ ही, पिछले कुछ सालों में बढ़े हुए किराए को काबू में किया जाना चाहिए। प्लेटफॉर्म टिकट की दर 50 रुपये से घटाकर 10 रुपये कर दी गई है। जनता की उम्मीदें है के इसे और कम किया जाए।
रेलवे को ट्रेनों की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही कोरोना के समय बंद की गई ट्रेनों को फिर से चालू किया जाए। ऐसा लोग चाहते हैं। नियमित रेल यात्रियों ने भी देशभर में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
जानकारों की मानें तो बजट 2023 में सरकार सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और राजमार्गों में और निवेश पर ध्यान देगी। रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए फोकस का एक अन्य प्रमुख क्षेत्र affordable housing है। घरों की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सरकार किफायती आवास परियोजनाओं के लिए नई पहल और धन की घोषणा कर सकती है।
मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का यह अंतिम फुल बजट होगा। ऐसे में राजनीतिक लिहाज से सरकार के लिए यह बजट काफी अहम है। रोजगार के मोर्चे पर बड़े ऐलान की उम्मीद जताई जा रही है। नौकरीपेशा, मध्यमवर्ग के लिए खास ऐलान की उम्मीदें हैं। साथ ही टैक्स में रियायत देकर नौकरीपेश वर्ग को लुभाने की कोशिश सरकार कर सकती है।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का बजट संसद में पेश करेंगी। करीब 11 बजे सदन में उनका भाषण शुरू होगा। गरीब तबके से लेकर कारोबारी वर्ग तक को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। इस बार भी यूनियन बजट पेपरलेस ही होगा।
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Published: 01 Feb 2023, 7:33 AM IST