
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में मंगलवार दोपहर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि घटना खालवा थाना क्षेत्र के सेमल्या गांव में दोपहर करीब तीन बजे हुई जिसमें कई लोग घायल भी हुए हैं। खालवा थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में 24 लोग सवार थे जिसके पटलने से चार लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग हरदा जिले के सावलखेड़ा गांव के निवासी थे और वे रोशनी पुलिस चौकी क्षेत्र के सालीधाना गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने मृतकों की पहचान गुलाब बाई (54), सुंदर बाई (45), छन्नू देवड़ा (55) और नत्थू कोरकू (55) के रूप में की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वाशिंगटन, 23 जुलाई, (आईएएनएस)। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले को लेकर अमेरिकी संसद में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से कड़ी आलोचना झेलने के एक दिन बाद अमेरिकी खुफिया सेवा की निदेशक किम्बर्ली चीटल ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। ट्रंप पर गत 13 जुलाई को पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान गोली चली थी जिसमें वह बाल-बाल बच गये थे। गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी। हालांकि खुफिया सेवा के सदस्य तुरंत हरकत में आ गये और हमलावर को मौके पर ही मार गिराया।
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीटल को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए एक बयान में कहा, "अमेरिका की खुफिया सेवा में अपने पूरे करियर के दौरान वह हमारे देश की रक्षा के लिए निःस्वार्थ रूप से समर्पित रहीं और अपनी जान जोखिम में डाली। हम विशेष रूप से हमारे प्रशासन के दौरान खुफिया सेवा का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए उनका धन्यवाद करते हैं और हम अपने परिवार के प्रति उनकी सेवा के लिए उनके आभारी हैं।" राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि 13 जुलाई को जो कुछ हुआ उसकी तह तक जाने के लिए स्वतंत्र समीक्षा जारी है। उन्होंने कहा, "हम सभी जानते हैं कि उस दिन जो हुआ वह फिर कभी नहीं हो सकता। ...मैं किम को शुभकामनाएं देता हूं, और मैं जल्द ही एक नया निदेशक नियुक्त करने की योजना बनाऊंगा।"
अमेरिकी कांग्रेस में सोमवार को सुनवाई के दौरान सांसदों को इस बात से निराशा हुई कि चीटल ने गोलीबारी के बारे में उनके कई सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, जिसमें यह भी शामिल था कि बंदूकधारी पूर्व राष्ट्रपति को निशाना बनाने के लिए छत पर कैसे पहुंचा। द्विदलीय व्यवस्था वाली अमेरिकी संसद में अद्भुत रूप से दोनों दलों ने मिलकर चीटल को हटाने की मांग की। निगरानी और जवाबदेही पर समिति के प्रमुख रिपब्लिकन जेम्स कोमार और डेमोक्रेटिक रैंकिंग सदस्य जेमी रस्किन ने सुनवाई के बाद एक संयुक्त पत्र में उन्हें हटाने की मांग की।
उन्होंने पत्र में लिखा, "आज, आप उस चौंकाने वाली परिचालन विफलता के बारे में बुनियादी सवालों के जवाब देने और अमेरिकी लोगों को आश्वस्त करने में विफल रहीं कि खुफिया सेवा ने अपने सबक सीख लिए हैं और अपनी प्रणालीगत गलतियों तथा विफलताओं को ठीक करना शुरू कर दिया है। हम आपसे निदेशक के पद से इस्तीफा देने का आह्वान करते हैं ताकि नए नेतृत्व को इस संकट का तेजी से समाधान करने और वास्तव में चिंतित कांग्रेस और अमेरिकी लोगों के विश्वास को फिर से बनाने की अनुमति मिल सके।"
इंडिया गठबंधन के फ्लोर नेताओं की बैठक पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमने बजट पर चर्चा की...जहां भी गैर-बीजेपी सरकार है, वहां बजट को ब्लैक आउट कर दिया गया है...विकास के नाम पर कुछ नहीं है...हम इसे लेकर कल संसद में विरोध प्रदर्शन करेंगे। हम संसद के अंदर भी अपनी आवाज उठाएंगे...यह बीजेपी का बजट नहीं है, यह पूरे देश का बजट है, लेकिन उन्होंने इसे ऐसे पेश किया है जैसे कि यह बीजेपी का बजट है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस साल के केंद्रीय बजट से बजट की अवधारणा पहले ही खत्म हो चुकी है। इसमें ज्यादातर राज्यों के साथ पूरी तरह से भेदभाव किया गया है। इसलिए इसका विरोध कैसे किया जाए, इस पर इंडिया अलायंस की बैठक हुई।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि हमारे लिए, जब छात्रों के लिए परीक्षा की बात आती है, तो किसी भी तरह के उल्लंघन के प्रति शून्य सहिष्णुता हमारी प्राथमिकता है - चाहे वह उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए हो। इसलिए, मोदी सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम जैसा सख्त कानून लागू किया है। सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए, हमने वादा किया है कि हमारी सरकार पारदर्शी, छेड़छाड़ मुक्त और शून्य-त्रुटि परीक्षा प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, हमने एनटीए के पूर्ण सुधार के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति की घोषणा की। वह समिति समर्पित रूप से काम कर रही है... समिति ने विशेषज्ञों की राय एकत्र की है और विभिन्न मॉडलों का अध्ययन किया है... वे जल्द ही एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मैं देश के युवाओं और छात्रों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम एनटीए को त्रुटि मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कांग्रेस ने मंगलवार को पेश केंद्रीय बजट को ‘नकलची’ तथा ‘कुर्सी बचाओ’ बजट करार दिया।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं और आम लोगों को कोई राहत नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दो तरह की कर प्रणाली सही विचार नहीं है और इसे स्वीकारा नहीं जा सकता।
चिदंबरम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “इस सरकार का पहला बजट बहुत निराशाजनक है।” उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी के मोर्चे पर सरकार ने कोई प्रभावशाली कदम नहीं उठाए हैं। उनका कहना था, “यह दावा कि वित्त मंत्री द्वारा घोषित योजनाओं से 2.90 करोड़ लोगों को लाभ होगा, अत्यधिक अतिशयोक्तिपूर्ण है।” चिदंबरम ने दावा किया कि मोदी सरकार ने सिर्फ सरकार बचाने के बारे में सोचकर बजट तैयार किया।
केंद्रीय बजट 2024 पर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि इसीलिए हमने कहा है कि यह सरकार नायडू-नीतीश आश्रित गठबंधन सरकार है। हमने राष्ट्रपति के भाषण के दौरान यह आरोप या अवलोकन किया था...बजट भाषण में इसकी पुष्टि की गई है। एक और तथ्य जो स्थापित है वह यह है कि इस सरकार को दोनों दलों की मांगों को मानना होगा, गठबंधन की दबाव रणनीति का पालन करना होगा...आंध्र प्रदेश और बिहार और थोड़ा सा ओडिशा को छोड़कर...यह हमारी भारतीय राजनीति के संघीय ढांचे के पूरी तरह खिलाफ है।
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि आज का केंद्रीय बजट तेलंगाना के प्रति केंद्र के रवैये को दर्शाता है। भले ही हम कई बार दिल्ली गए और पीएम, एचएम और अन्य शीर्ष नेताओं से मिले, लेकिन न्याय नहीं हुआ। हमने तेलंगाना को फंड जारी करने का अनुरोध किया। जब पीएम आदिलाबाद आए, तो मैंने उनका स्वागत किया और कहा कि पीएम मोदी बड़े भाई की तरह हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तेलंगाना को उसका अधिकार मिले। मैं आंध्र प्रदेश को दिए गए फंड पर सवाल नहीं उठा रहा हूं...मेट्रो, आरआरआर रोड या अन्य (तेलंगाना में) के लिए एक भी रुपया नहीं दिया गया। यहां तक कि आईटीआईआर कॉरिडोर परियोजना का भी केंद्रीय बजट में उल्लेख नहीं किया गया। केंद्रीय बजट में तेलंगाना के विकास से संबंधित कुछ भी नहीं सोचा गया। मुझे लगता है कि पीएम सोच रहे हैं कि तेलंगाना विकसित भारत का हिस्सा नहीं है। यह बजट केवल 'कुर्सी बचाओ' बजट है। बजट केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए है।
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि हमें आपदा के बाद की जरूरतों का आकलन (पीडीएनए) मिलेगा। हम चाहते हैं कि आपदा के दौरान इस्तेमाल किए गए 9000 करोड़ रुपये मिलें। यह बहुत दुखद है कि हिमाचल प्रदेश को बजट से कुछ भी नहीं मिला है।
केंद्रीय बजट 2024 पर तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास का नारा झूठा है। यह बजट 'कुर्सी बचाओ बजट' जैसा लगता है। बिहार और आंध्र प्रदेश के अलावा, अन्य राज्यों के प्रति केंद्र का व्यवहार ऐसा लगता है जैसे पीएम अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। तेलंगाना ने बीजेपी को 35% वोट और 8 संसद सीटें दी हैं।
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने कहा कि यह बजट सरकार बचाने के लिए है। इसमें बिहार और आंध्र प्रदेश पर ध्यान दिया गया है। इस बजट से राजस्थान को कुछ नहीं मिला। यह राजस्थान के साथ अन्याय है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना, प्रशिक्षुता, एंजल टैक्स उन्मूलन पर कांग्रेस के प्रस्तावों में निहित विचारों को वस्तुतः अपनाया। उन्होंने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है। सरकार की प्रतिक्रिया ‘बहुत कम’ है, गंभीर स्थिति पर इसका बहुत कम असर होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे एहसास है कि मौजूदा साल के लिए नए सिरे से NEET-UG परीक्षा का निर्देश देना गंभीर परिणामों से भरा होगा, जिसका असर इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से ज़्यादा छात्रों पर पड़ेगा।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि युवाओं, किसानों, महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लेकर मुझे बजट से काफी उम्मीदें थीं लेकिन इसमें कुछ भी नहीं था। इंटर्नशिप के बाद क्या होगा? बेरोजगारों को और बेरोजगार बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं... महंगाई कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया... एमएसपी गारंटी के लिए कुछ नहीं किया गया... स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बजट नहीं बढ़ाया गया... एसटी, एससी छात्रों के कल्याण के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं पेश की गई।
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि यह बजट निर्मला सीतारमण द्वारा कर्नाटक को दिया गया खाली बर्तन जैसा है। केवल आंध्र प्रदेश और बिहार को ही फंड दिया गया है। अन्य राज्यों को कुछ नहीं दिया गया है क्योंकि उन्हें (पीएम मोदी को) पीएम बने रहने के लिए उन दो राज्यों का विश्वास हासिल करना होगा।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने केंद्रीय बजट भाषण में एक बार भी महाराष्ट्र का जिक्र नहीं किया और उन्होंने सबसे बड़ा करदाता होने के बावजूद राज्य से भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में केंद्र पर ‘भ्रष्ट सरकार ’ बनाकर और फिर करों के जरिए महाराष्ट्र को लूटने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया, ‘‘मैं समझ सकता हूं कि भाजपा अपनी सरकार बचाना चाहती है और बिहार तथा आंध्र प्रदेश को भारी भरकम बजट दे रही है। लेकिन महाराष्ट्र का क्या कसूर है? यही कि हम सबसे बड़े करदाता हैं? हमारे योगदान के बावजूद हमें क्या मिला? क्या एक बार भी बजट में महाराष्ट्र का उल्लेख किया गया? भाजपा महाराष्ट्र से इतनी नफरत और उसका इतना अपमान क्यों करती है? यह पहली बार नहीं है, भाजपा सरकार के पिछले एक दशक में हमने महाराष्ट्र के खिलाफ यह पूर्वाग्रह देखा है।’’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 को ‘राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण और गरीब विरोधी’ करार दिया और राज्य को (लाभ से) ‘वंचित’ करने के लिए केंद्र की आलोचना की। मुख्यमंत्री ने आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल ने ऐसी कौन सी गलती है कि उसे केंद्र ने ‘वंचित’ कर दिया है।
उन्होंने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ इस केंद्रीय बजट में बंगाल को पूरी तरह से वंचित किया गया है। इसमें गरीबों के हितों का खयाल नहीं रखा गया है। यह बजट राजनीतिक रूप से पक्षपातपूर्ण है। यह दिशाहीन है और उसमें कोई दृष्टि नहीं है। यह बस राजनीतिक मिशन को पूरा करने के लिए है।’’ इससे पहले, दिन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "कांग्रेस के न्याय के एजेंडे को ठीक तरह से कॉपी भी नहीं कर पाया मोदी सरकार का "नकलची बजट" !
मोदी सरकार का बजट अपने गठबंधन के साथियों को ठगने के लिए आधी-अधूरी "रेवड़ियां" बाँट रहा है, ताकि NDA बची रहे।
ये "देश की तरक्की" का बजट नहीं, "मोदी सरकार बचाओ" बजट है !
1⃣10 साल बाद उन युवाओं के लिए सीमित घोषणाएं हुईं हैं, जो सालाना दो करोड़ नौकरियों के जुमले को झेल रहे हैं।
2⃣किसानों को लिए केवल सतही बातें हुईं हैं, डेढ़ गुना MSP और आय दोगुना करना - सब चुनावी धोखेबाज़ी निकली ! ग्रामीण वेतन को बढ़ाने का इस सरकार का कोई इरादा नहीं है।
3⃣दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक, माध्यम वर्ग और गाँव-ग़रीब लोगों के लिए कोई भी क्रांतिकारी योजना नहीं है, जैसी कांग्रेस-UPA ने लागू करी थी। "ग़रीब" शब्द केवल स्वयं की branding करने का ज़रिया बन गया है, ठोस कुछ भी नहीं है !
4⃣महिलाओं के लिए इस बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे उनकी आर्थिक क्षमता बढ़े और वो workforce में अधिक से अधिक शामिल हों।
5⃣उल्टा महँगाई पर सरकार अपनी पीट थपथपा रही है, जनता की गाढ़ी कमाई लूट कर वो पूंजीपति मित्रों में बाँट रही है!
6⃣कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जन-कल्याण और आदिवासियों पर बजट में आवंटन से कम खर्च किया है क्योंकि ये भाजपा की प्राथमिकताएँ नहीं हैं। इसी तरह Capital Expenditure पर 1 लाख करोड़ कम खर्च किया है, तो फिर नौकरियाँ कहाँ से बढ़ेंगी?
7⃣शहरी विकास, ग्रामीण विकास, Infrastructure, Manufacturing, MSME, Investment, EV योजना - सब पर केवल Document, Policy, Vision, Review आदि की बात की गई है, पर कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।
8⃣आये दिन रेल हादसे हो रहें हैं, ट्रेनों को बंद किया गया है, कोच की संख्या घटी है, आम यात्री परेशान हैं, पर बजट में रेलवे के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, कोई जवाबदेही नहीं है।
9⃣Census व जातिगत जनगणना पर भी कुछ नहीं बोला गया है, जबकि ये पाँचवा बजट है जो बिना Census के प्रस्तुत किया जा रहा है! ये हैरान कर देने वाली अप्रत्याशित नाकामी है - जो लोकतंत्र और संविधान के ख़िलाफ़ है !
🔟20 मई 2024, यानि चुनाव के दौरन ही, मोदी जी ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि "100 दिनों का Action Plan हमारे पास पहले से ही है"...
जब Action Plan, दो महीने पहले था, तो कम से कम बजट में ही बता देते!
बजट में न कोई Plan है, और बीजेपी केवल जनता से धोखेबाज़ी करने के Action में व्यस्त है।"
केंद्रीय बजट पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट “कुर्सी बचाओ” बजट है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट में,
- सहयोगियों को खुश करना: अन्य राज्यों की कीमत पर उनसे खोखले वादे।
- मित्रों को खुश करना: एए को लाभ लेकिन आम भारतीयों को कोई राहत नहीं।
- कॉपी और पेस्ट: कांग्रेस का घोषणापत्र और पिछले बजट।
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष और उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को संसद में पेश केन्द्रीय बजट को 'अच्छे दिन’ की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा बताया है।
बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि ''संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट अपने पुराने ढर्रे पर कुछ मुट्ठी भर अमीर व धन्ना सेठों को छोड़कर देश के गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं, मेहनतकशों, वंचितों व उपेक्षित बहुजनों के त्रस्त जीवन से मुक्ति हेतु ’अच्छे दिन’ की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा है!''
अपने सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा ''देश में छाई जबरदस्त गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन तथा यहां के 125 करोड़ से अधिक कमजोर तबकों के उत्थान व उनके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं के प्रति इस नई सरकार में भी अपेक्षित सुधारवादी नीति व नीयत का अभाव है।''
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्रीय बजट पर कहा, "जब तक किसान और नौजवानों की पक्की नौकरी का इंतजाम नहीं होगा तब तक जनता को कोई बड़ा लाभ नहीं पहुंचेगा..."
केंद्रीय बजट प्रस्तुति के बाद, सेंसेक्स में गिरावट जारी है; वर्तमान में यह 656.41 अंकों की गिरावट के साथ 79,845.67 पर कारोबार कर रहा है।
नई कर व्यवस्था में व्यक्तिगत आयकर दरों पर, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "नई कर व्यवस्था के तहत, कर दर संरचना को निम्नानुसार संशोधित किया जाएगा - 0-रु 3 लाख - शून्य; 3-7 लाख -5%; 7-10 लाख -10%; 10-12 लाख -15%; 12-15 लाख - 20% और 15 लाख से अधिक -30%।"
बिहार में पर्यटन पर बजट में जोर दिया गया है।
नालंदा में पर्यटन का विकास।
बिहार में राजगीर टूरिस्ट सेंटर का निर्माण।
बाढ़ आपदा पर बिहार के लिए 11000 करोड़ का प्रावधान।
काशी की तर्ज पर बोधगया में कॉरिडोर बनेगा।
बजट में MSMEs को उनके तनाव की अवधि के दौरान बैंक ऋण जारी रखने की सुविधा के लिए नई व्यवस्था का ऐलान किया गया है। साथ ही मुद्रा ऋण की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है।
महिलाओं और लड़कियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की 100 से अधिक शाखाएं स्थापित की जाएंगी।
राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा किया जाएगा।
विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे में कोप्पार्थी क्षेत्र और हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे में ओरवाकल क्षेत्र में विकास के लिए फंड दिया जाएगा।
हर साल 25,000 छात्रों की मदद के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना में संशोधन का प्रस्ताव।
घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए ई-वाउचर हर साल 1 लाख छात्रों को सीधे ऋण राशि के 3% की वार्षिक ब्याज छूट के लिए दिए जाएंगे।
बोधगया- वैशाली एक्सप्रेस वे बनेगा।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे का निर्माण।
बक्सर में गंगा नदी पर दो लेन का पुल।
बिहार में एक्सप्रेस वे के लिए 26 हजार करोड़ का प्रावधान।
छात्रों को 7.5 लाख का स्किल मॉडल लोन।
पहली बार नौकरी वालों को अतिरिक्त पीएफ।
नौकरियों में महिलाओं को प्राथमिकता।
5 साल मुफ्त राशन की व्यवस्था चलती रहेगी।
इस साल कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान।
रोजगार के लिए 3 प्रमुख योजनाओं पर काम करेगी सरकार।
बिहार में 3 एक्सप्रेस वे का ऐलान।
नैचुरल फार्मिंग बढ़ाने पर जोर।
32 फसलों के लिए 109 किस्म लॉन्च करेंगे।
कृषि सेक्टर का विकास पहली प्राथमिकत।
बजट में युवाओं के लिए 2 लाख करोड़ का प्रावधान।
इस वर्ष कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए आवंटन 1.52 लाख करोड़ रुपये है।
सरकार घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट गरीब, महिला, युवा और अन्नदाताओं पर फोकस है। बजट में रोजगार और स्किल पर फोकस किया गया है। बजट में युवाओं के लिए 2 लाख करोड़ का प्रावधान।
सीतारमण ने कहा, "जैसा कि अंतरिम बजट में उल्लेख किया गया है, हमें 4 अलग-अलग जातियों, गरीब, महिला, युवा और किसान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। किसानों के लिए, हमने सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है, जो लागत से कम से कम 50% मार्जिन के वादे को पूरा करता है। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया गया, जिससे 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हुआ।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश कर रही हैं। उनका बजट भाषण शुरू हो गया है। बजट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। देश की जनता को बजट से काफी उम्मीदे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण थोड़ी देर में देश का बजट पेश करेंगी। संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है। बजट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। देश की जनता को बजट से काफी उम्मीदे हैं।
केंद्रीय कैबिनेट से बजट को मंजूरी मिल गई है। अब थोड़ी देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद भवन पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "जो हम पिछले कई वर्षों से देखते आ रहे हैं वही होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बजट के द्वारा अपने करीबी करोड़पतियों की मदद करेंगे। उनको नई जगह में निवेश करने के लिए सुविधाएं मिलेंगी। अपने कंपनियों को बैंकों से राहत मिले, टैक्स के द्वारा इस प्रकार के निर्देश हमें सुनने को मिलेगा। मध्यम वर्ग, छोटे दुकानदार और ईमानदार टैक्स पेयर को खोखले वादे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।"
मोदी सरकार के केंद्रीय बजट से पहले शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि निर्मला सीतारमण जी बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से कुछ राहत देंगी और सरकार 'जन की बात' करेगी, न कि पीएम के 'मन की बात'।"
आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2024 पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का जो मंत्र है-सबका साथ सबका विकास। आपने देखा है कि बजट राष्ट्रहित में आता है और इसी प्रकार से यह बजट आएगा।"
महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों पर फोकस हो सकता है।
नई कर प्रणाली में आयकर छूट स्लैब की सीमा 5 लाख की जा सकती है।
खपत बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है।
हाउंसिग लोन लेने पर भी नई रियायत संभव है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जा सकता है।
MSME पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
पीएम किसान सम्मान निधि बढ़ाई जा सकती है।
कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर को तेज करने के लिए उपायों की घोषणा हो सकती है।
ग्रामीण इलाकों में पीएम आवास योजना को लेकर ऐलान हो सकता है।
मनरेगा के कार्य दिवस बढ़ाने की संभावना, कृषि से जुड़े कामों को भी शामिल करने को लेकर ऐलान किए जा सकते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का बजट पेश करेंगी। सुबह 11 बजे संसद में उनका बजट भाषण शुरू होगा। बजट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। देश की जनता को बजट से काफी उम्मीदे हैं।
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Published: 23 Jul 2024, 7:46 AM IST