
सुप्रीम कोर्ट के एड्स मरीज की पहचान छिपाने के आदेश के बावजूद उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा एक एड्स पीड़ित मरीज की पहचान को उजागार करने का मामाला सामने आया है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों ने संवेदनहीनता का परिचय देते हुए एड्स पीड़ित मरीज के बेड पर एचआईवी पीड़ित का स्टिकर लगाकर उसकी पहचान उजागर कर दी।
मीडिया ने जब इस मामले में अस्पताल के स्टाफ नर्स से बात की तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई। उनका कहना था कि शायद किसी जूनियर स्टाफ ने बिना जानकारी के स्टिकर चिपका दिया होगा। मीडिया में खबर आने के बाद फिलहाल इस स्टिकर को हटा दिया गया है।
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इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एस के श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया जाता। उन्होंने आगे कहा कि ये मामला मीडिया के माध्यम से उनके संज्ञान में आया है। अगर इस तरह की कोई घटना हुई होगी तो इस मामले से संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा।
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