
उत्तर प्रदेश के कानपुर के मंधना और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतों को लेकर बिठूर से बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने बिजली विभाग के अधिकारी से फोन पर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने सवाल किया कि जब ग्रामीण क्षेत्र के लिए बिजली आपूर्ति का निर्धारित शेड्यूल है तो लोगों को उसके मुताबिक बिजली क्यों नहीं मिल रही। विधायक और अधिकारी के बीच बातचीत का वीडियो भी चर्चा में है।
सांगा ने अधिकारी से कहा कि मंत्री और अधिकारियों तक जनता की समस्याएं पहुंचने के बाद भी अगर उनकी सुनवाई नहीं होती तो आम लोग अपनी शिकायत लेकर आखिर कहां जाएं। उन्होंने मंधना क्षेत्र में कई-कई घंटे बिजली कटौती और खासकर रात में बिजली गायब रहने की शिकायत का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते रोजाना उन्हें लोगों की बिजली संबंधी शिकायतों का सामना करना पड़ता है।
विधायक ने अधिकारी से पूछा कि अगर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्धारित शेड्यूल है तो जमीन पर लोगों को उसके अनुसार, सप्लाई क्यों नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि विभागीय रिकॉर्ड में अगर आपूर्ति का समय तय है तो फिर वास्तविक स्थिति अलग क्यों है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की निर्धारित आपूर्ति का शेड्यूल लंबे समय से चर्चा में रहा है। हालिया सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कई महीनों में ग्रामीण क्षेत्रों की औसत बिजली आपूर्ति निर्धारित 18 घंटे से ऊपर रही है, हालांकि स्थानीय स्तर पर फीडर और क्षेत्र के हिसाब से स्थिति अलग हो सकती है।
बातचीत के दौरान सांगा ने कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें खुद बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचकर जवाब लेना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारी से मंधना की बिजली आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराने और वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने को कहा। विधायक ने यह भी कहा कि अगर विभाग के स्तर पर तय शेड्यूल के मुताबिक, सप्लाई नहीं हो रही है तो इसका जवाब विभाग को देना होगा।
अधिकारी से बातचीत में विधायक ने यह भी कहा, 'आप लोग कानपुर में बैठ नहीं पाएंगे, अब हमें उल्टा चलना पड़ेगा।' उनका कहना था कि अगर अधिकारियों और मंत्री स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होगा तो आम आदमी आखिर कहां जाएगा। उन्होंने बिजली जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ी समस्या को लंबे समय तक टाले जाने पर सवाल उठाया।
मंधना क्षेत्र में बिजली कटौती की शिकायतों को लेकर इससे पहले भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से मुद्दा उठाए जाने की जानकारी सामने आती रही है। सितंबर में भी विधायक सांगा ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें सुनी थीं और मुख्य अभियंता को समस्या से अवगत कराया था।
फोन पर हुई बातचीत में विधायक ने अधिकारी से क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराने और समस्या का जल्द समाधान करने को कहा। उनका कहना था कि ग्रामीणों की शिकायतें लगातार उनके पास पहुंच रही हैं और जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें इसका जवाब देना पड़ता है। उन्होंने साफ किया कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह खुद बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचेंगे और अधिकारियों से जवाब मांगेंगे।
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